राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

अभिषेक बनर्जी पर फूटा जनता का गुस्सा

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वह कथित तौर पर चुनाव बाद हुई हिंसा के शिकार एक पार्टी कार्यकर्ता से मिलने पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर को सीआईडी द्वारा पूछताछ के लिए नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी अपने कोलकाता स्थित कालीघाट रोड आवास से सोनारपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में कमालगाजी इलाके में कुछ महिलाओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।

सोनारपुर पहुंचने पर विरोध और तेज हो गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे और उन्हें “चोर” कहकर संबोधित किया। इस दौरान अभिषेक बनर्जी अपनी कार से उतरकर एक स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे बढ़ने लगे।

Also Read : अमेरिकी न्यायाधीश ने कैनेडी सेंटर से ट्रंप का नाम हटाने का दिया आदेश

इसी बीच प्रदर्शनकारियों की भीड़ उनकी ओर बढ़ी। आरोप है कि कुछ महिलाओं ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ भी मारे। कई प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे फेंके, जबकि कुछ ने पत्थर भी मारे, हालांकि पत्थर उन्हें नहीं लगे। हंगामे के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। सिर पर अंडे लगने के बाद उन्होंने सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहन लिया।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमला भाजपा समर्थित गुंडों द्वारा कराया गया। उन्होंने कहा कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने गए थे, जो कथित तौर पर चुनाव बाद हिंसा का शिकार हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले के समय वहां पुलिस मौजूद नहीं थी।

टीएमसी सांसद ने कहा कि वह इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि को भी पूरी घटना की जानकारी देंगे।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 4 मई से अभिषेक बनर्जी सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थे। शनिवार को उन्होंने पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इससे पहले उन्होंने उत्तर कोलकाता के बेलियाघाटा क्षेत्र में भी कथित चुनाव बाद हिंसा के एक अन्य पीड़ित पार्टी कार्यकर्ता से मुलाकात की थी।

Pic Credit : ANI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight + 3 =