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सरकार ने बदला महंगाई के आकलन का तरीका

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने महंगाई के आकलन का आधार वर्ष बदल दिया है। आधार वर्ष बदले जाने के बाद महंगाई दर का पहला आंकड़ा गुरुवार को जारी हुआ। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर के मुकाबले जनवरी में खुदरा महंगाई बढ़ कर 2.75 फीसदी पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33 फीसदी पर थी। जनवरी में खुदरा महंगाई दर आठ महीनों में सबसे ज्यादा रही। इससे पहले मई 2025 में महंगाई 2.82 फीसदी पर पहुंची थी।

सरकार ने गुरुवार, 12 फरवरी को जो आंकड़ा जारी किया वह महंगाई मापने के लिए आधार वर्ष को 2012 से बदल कर 2024 करने के बाद का पहला आंकड़ा है। आधार वर्ष का बदलाव एक दशक से अधिक समय के बाद किया गया है। महंगाई दर के आकलन का तरीका भी सरकार ने बदला है। पहले महंगाई के बास्केट में खाने, पीने की चीजों का अनुपात करीब 50 फीसदी था, जिसे अब घटा कर 36.8 फीसदी कर दिया गया है।

सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा है, ‘भारतीयों की आय बढ़ने के साथ अब वे भोजन पर कम और हाउसिंग व अन्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं’। तभी सरकार को आकलन का तरीका बदलना पड़ा है। नए तरीके में कई पुरानी चीजों को हटा दिया गया हैष। जैसे पुराने हो चुके रेडियो, वीसीआर और तांगा गाड़ी के किराए को महंगाई के इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। इसकी जगह हवाई किराया, ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन, ई कॉमर्स शॉपिंग, ग्रामीण हाउसिंग रेंट और बिजली की कीमतों को शामिल किया गया है।

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By NI Desk

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