नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं का बजट कहा और देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चलने की बात कही है तो विपक्षी पार्टियों ने इसे दिशाहीन बताते हुए इसे निराशाजनक कहा। राहुल गांधी से लेकर ममता बनर्जी और अखिलेश यादव सबने बजट की आलोचना की। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने खुद ही आर्थिक सर्वे जारी किया और उसको दरकिनार करके बजट बनाया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को युवाओं को बजट बताते हुए कहा कि देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। उन्हेंने कहा, ‘हम तेजी से बढती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है। बल्कि जल्द से जल्द तीसरी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। भारत जिस रिफॉर्म्स पर सवार है, बजट से उसे नई गति मिलेगी’। दूसरी ओर राहुल गांधी ने कहा, ‘युवाओं के लिए रोजगार वाला बजट नहीं है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है। निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत में भारी गिरावट आ रही है’। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को कुछ नहीं दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने तीन कॉरिडोर की जो बात कही है वह सरासर झूठ है। ममता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी परियोजना के लिए, इस आर्थिक कॉरिडोर में 72 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वालों की समझ से परे है। इस बजट में न तो नौकरी दी गई है और न ही रोजगार के अवसर। उन्होंने कहा कि ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकता है’।


