तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को एक बयान जारी कर उन दावों को खारिज कर दिया। जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अपने लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा की मांग की है। यह दावा उस घटना के बाद सामने आया था, जब 30 मई की दोपहर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में नाराज भीड़ ने उन पर हमला किया था।
अभिषेक बनर्जी द्वारा सीएपीएफ सुरक्षा मांगने की जानकारी पिछले हफ्ते तब सामने आई, जब तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए इस मुद्दे का जिक्र किया। ऋतब्रत बनर्जी अब राज्य विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के विधायी दल के आधिकारिक गुट के नेता और आधिकारिक विपक्ष के नेता हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने 2 जून की दोपहर एक प्रेस वार्ता में सवाल किया, “वह किस तरह के जन-नेता हैं? 4 मई को पार्टी की भारी हार के बाद वह 26 दिनों तक घर पर ही रहे। अब, वह अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने पहले दावा किया था कि जनता उनकी रक्षा के लिए है तो अब वह सुरक्षा क्यों मांग रहे हैं?” मीडिया में इस बात की काफी चर्चा हुई थी।
अब शनिवार को अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर अपने लिए सीएपीएफ सुरक्षा मांगने की जानकारी से इनकार किया।
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उन्होंने कहा मीडिया का एक हिस्सा यह खबर दे रहा है कि मैंने पिछले महीने की 30 तारीख को सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा मांगी है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और सच्चाई से दूर है। हमले के बाद से सात दिनों में मैंने कोई सुरक्षा नहीं मांगी है।
बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा यह घटना केंद्र और राज्य सरकारों की निगरानी में हुई और उन्हें इससे जुड़े हालात के बारे में गंभीर सवालों का जवाब देना होगा।”
उनके मुताबिक, उन्हें सबसे ज्यादा निराशाजनक यह बात लगी कि पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और अन्य भयानक अपराधों की कई घटनाएं हुईं, लेकिन राज्य प्रशासन ने इनमें से ज्यादातर घटनाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया।
उनके सोशल मीडिया बयान में कहा गया शासन चलाने वालों की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए। मैं राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे मीडिया के कुछ हिस्सों के जरिए गलत जानकारी और राजनीतिक मकसद वाली बातों को बढ़ावा देने के बजाय पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दें। लोग सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई के हकदार हैं।
Pic Credit : ANI
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