तुर्की में होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के बीच 2027 के लिए यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर सहमति नहीं बन सकी है।
सूत्रों के अनुसार, इटली ने प्रस्तावित वित्तीय पैकेज का विरोध किया, जबकि अमेरिका ने यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा के संबंध में भाषा में नरमी बरती है।
सूत्रों के मुताबिक, इटली के विरोध के कारण नाटो 2026 में यूक्रेन को मिली लगभग 80 अरब डॉलर की न्यूनतम सैन्य सहायता के बराबर राशि देने की प्रतिबद्धता नहीं जता सका। ऐसा बताया जा रहा है कि इटली ने यूरोपीय सहयोगी देशों के बीच रक्षा व्यय और सहायता का अधिक समान बंटवारा करने पर जोर दिया है।
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अमेरिका ने एक अलग कदम उठाते हुए मसौदे में शामिल उस शब्दावली को हटाने का समर्थन किया, जिसमें यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा के बीच ‘अविभाज्य संबंध’ की बात कही गयी थी। संशोधित मसौदे में अब केवल इतना कहा गया है कि “यूक्रेन ट्रांस-अटलांटिक सुरक्षा में योगदान देता है।”
इस बीच, रूस लगातार यह कहता रहा है कि पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति संघर्ष के समाधान में बाधा डालती है और इससे नाटो देश सीधे युद्ध में शामिल हो जाते हैं।
Pic Credit : ANI
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