अयोध्या में राममंदिर में एक ‘ज्योति स्वरूप’ स्थापित करने की जानकारी देने का एक पोस्ट सोशल मीडिया में आया है। इसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से पोस्ट किया गया है। इसमें दिखाया जा रहा है कि पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ साधु, संत, प्रशासक आदि मिल कर एक कृत्रिम ‘ज्योति स्वरूप’ स्थापित कर रहे हैं। यह बिजली से जलने वाला है या कह सकते हैं कि जलने का आभास देने वाला दीपक है। इसे लेकर रामभक्तों और भाजपा समर्थकों की ओर से भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया में इसे लेकर विवाद छिड़ा है। राइट विंग के ज्यादातर समर्थक इस बात से नाराज हैं कि घी का अखंड जोत जलाने की बजाय ‘चाइनीज कृत्रिम ज्योति स्वरूप’ क्यों स्थापित किया जा रहा है? यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या कोई पुजारी नहीं है, जो स्थायी रूप से दीपक जलाने का बंदोबस्त करे और उसकी देखरेख करे? यह भी पूछा जा रहा है कि क्या राममंदिर के प्रशासक वामपंथियों से डरे हुए हैं कि अगर दीपक जलाया तो कहा जाएगा कि उसके धुएं और ताप से अंटार्कटिका की बर्फ पिघल जाएगी? इसी प्रकरण में यह सवाल भी उठा है कि राममंदिर में ऐसी जगह नहीं है, जहां बैठ कर लोग रामचरितमानस का पाठ कर सकें। यूजीसी की ओर से सवर्ण छात्रों को अपराधी बनाने वाली नियमावली जारी होने के बाद से इस तरह के मुद्दे खुद राइटविंग के लोग ज्यादा उठाने लगे हैं।


