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सबका अपना अपना रामराज्य

दिल्ली में अब रामराज्य को लेकर विवाद मचा हुआ है। दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी ने एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिसका नाम रखा है ‘आप का रामराज्य’। पार्टी इस वेबसाइट के जरिए बता रही है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने रामराज्य ला दिया है। दिल्ली सरकार का सारा काम रामराज्य की तर्ज पर हो रहा है।

पार्टी का कहना है कि उसने लोगों को जो स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिस तरह की शिक्षा की व्यवस्था की है, पानी और बिजली फ्री किया है उससे लोगों का जीवन बहुत आसान हो गया है और यही रामराज्य की परिषाभा या अवधारणा है। हालांकि उसके सारे दावे बहस का विषय है। दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से लचर है और स्कूलों की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। फिर भी आम आदमी पार्टी का प्रचार भाजपा की नींद उड़ाने के लिए पर्याप्त है।

तभी भारतीय जनता पार्टी की ओर से आम आदमी पार्टी को टारगेट किया गया है। लेकिन भाजपा का निशाना आप के दावों पर कम और रामराज्य का जिक्र करने पर ज्यादा है। भाजपा को यह चिंता सता रही है कि कहीं दिल्ली के लोग सचमुच केजरीवाल को रामराज्य लाने वाला न समझ लें। उसे अपना कोर हिंदुत्व का वोट टूटने की आशंका सता रही है। इसलिए भाजपा ने कहा है कि दिल्ली सरकार को रामराज्य कहना भगवान राम का अपमान है। सवाल है कि रामराज्य अगर एक बेहतर शासन की अवधारणा है को कहीं की भी सरकार इसका दावा कर सकती है या उस रूपक का इस्तेमाल कर सकती है। भाजपा भी तो आखिर रामराज्य लाने की ही बात कर रही है! इसलिए रामराज्य शब्द को लेकर आप पर हमलावर होने की बजाय अगर भाजपा आम आदमी पार्टी की ओर से किए जा रहे दावे को टारगेट करे और उसकी पोल खोले तो उसके लिए बेहतर होगा। लेकिन ऐसा लग रहा है कि भाजपा के प्रदेश नेताओं का इरादा उतनी मेहनत करने का नहीं है। उनको लग रहा है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को सनातन विरोधी ठहरा कर ही काम चल जाएगा।

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