अगले साल अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियों की तैयारियों और संभावनाओं की परीक्षा होने वाली है। अगले हफ्ते 22 सितंबर को बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद यानी बीटीसी का चुनाव होने वाला है। बीटीसी की 40 सीटों के लिए मतदान होगा। इससे सिर्फ बोडोलैंड में पार्टियों की ताकत की परीक्षा नहीं होगा, बल्कि पूरे राज्य में परीक्षा होगी। ध्यान रहे यह बहुत अहम चुनाव होता है। पहले हागरामा महलारी की पार्टी बीपीएफ और भाजपा एक साथ थे। लेकिन बाद में भाजपा ने उनको छोड़ दिया और प्रमोद बोड़ो की पार्टी यूपीपीएल के साथ तालमेल कर लिया। इस समय बीटीसी में यूपीपीएल और भाजपा का बहुमत है।
यूपीपीएल के 16 और भाजपा के 14 सदस्य हैं। महलारी की बीपीएफ के नौ सदस्य हैं और एक सदस्य हीरा सरानिया की पार्टी जीएसपी के पास है। कांग्रेस जीरो पर है। इस बार भी भाजपा और यूपीपीएल में अंदरखाने तालमेल है। भाजपा 30 सीटों पर, जबकि यूपीपीएल सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। महलारी की पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट सभी 40 सीटों पर लड़ रही है और कांग्रेस ने भी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। सो, कम से कम 30 सीटों पर चारकोणीय और 10 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है। जीएसपी ने 11 सीटों पर उम्मीदवार दिए हैं। 22 सितंबर को मतदान है और 26 सितंबर को वोटों की गिनती होगी। इसके नतीजों से अगले साल के विधानसभा चुनाव का कुछ अंदाजा होगा।
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