भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस का विरोध करते करते कांग्रेस खुद भी उसी तरह का ऑपरेशन चलाने जा रही है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक में पार्टी ऑपरेशन हस्त चलाएगी, जिसमें भाजपा और जेडीएस के कुछ विधायकों को तोड़ कर उनको कांग्रेस में शामिल कराया जाएगा। ध्यान रहे भाजपा के ऑपरेशन लोटस की शुरुआत कर्नाटक से हुई थी। कर्नाटक पहला राज्य था, जहां यह प्रयोग हुआ था। राज्य में बीएस येदियुरप्पा की अल्पमत की सरकार 2008 में बनी थी। उसके बाद उन्होंने ऑपरेशन लोटस चलाया और कांग्रेस वे जेडीएस के विधायकों से इस्तीफा करा कर उनको भाजपा की टिकट से लड़ाया और अपनी सरकार का बहुमत बनाया। उसके बाद भाजपा ने कई राज्यों में इसे आजमाया। अब उसी कर्नाटक में कांग्रेस अपना ऑपरेशन हस्त चलाने जा रही है।
ऑपरेशन लोटस की तर्ज पर ऑपरेशन हस्त में भाजपा और जेडीएस के कुछ विधायकों से इस्तीफा कराया जाएगा। हालांकि कांग्रेस के पास बहुमत की कमी नहीं है। उसके 135 विधायक जीते हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 113 का है। इसके बावजूद कांग्रेस विधानसभा में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है और साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के कमजोर होने का मैसेज बनवाना चाहती है। अगर अभी विधायकों के इस्तीफे होते हैं और उपचुनाव में वे कांग्रेस की टिकट पर जीतते हैं तो उसका असर लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर पड़ेगा। हालांकि यह जोखिम का काम है क्योंकि भाजपा के विधायक तोड़ने पर भाजपा आक्रामक होकर पलटवार करेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि बेंगलुरू इलाके के कई विधायक उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के संपर्क में हैं और पाला बदल सकते हैं।
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