यह बात पूरी तरह से तो सही नहीं है लेकिन इसमें आंशिक सचाई है कि प्रशांत किशोर ने तमिल फिल्मों के सुपर सितारे विजय की पार्टी टीवीके को जीत की राह दिखाई। 2024 में जब विजय ने पार्टी बनाई थी तभी उनकी ओर से प्रशांत किशोर को संपर्क किया गया था। उस समय वे आईपैक से अलग हो गए थे और बिहार में अपनी राजनीति कर रहे थे। इसके बावजूद प्रशांत किशोर ने विजय का प्रस्ताव स्वीकार किया। जानकार सूत्रों का कहना है कि लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन के दामाद आधव अर्जुन ने पीके से संपर्क किया था।
दोनों के पुराने संबंध थे। आधव अर्जुन चुनाव विंग के सचिव हैं और विधानसभा चुनाव जीते भी हैं।
विजय की पार्टी के एक साल पूरे हुए तो इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विजय ने प्रशांत किशोर को भाई कहा थी और पीके ने ऐलान किया था कि तमिलनाडु में भले अभी सबसे लोकप्रिय बिहारी महेंद्र सिंह धोनी हों लेकिन एक साल बाद जब वे विजय को चुनाव जीता देंगे तो वे सबसे लोकप्रिय बिहारी होंगे। इस पर खूब तालियां बजी थीं। इसके बाद वे अपने चुनाव में बिजी हो गए और उनकी पार्टी बिहार में बुरी तरह से हारी। कहा जा रहा है कि इसके बाद प्रशांत किशोर ने विजय के लिए काम नहीं किया। हालांकि उन्होंने पहले ही विजय की पार्टी का संगठन, चुनाव की रूपरेखा, नारे और अन्य रणनीति तैयर कर दी थी। उम्मीदवारों के चयन की कसौटी आदि भी उन्होंने तय कर दी थी। इसलिए कह सकते हैं कि विजय की जीत में उनका योगदान है।
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