कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कभी खुल कर नहीं कहते हैं कि वे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। वे अपनी जुबान से यह भी नहीं कहते हैं कि जून 2023 में कांग्रेस आलाकमान के सामने कोई समझौता हुआ था, जिसमें उनके और सिद्धारमैया के बीच ढाई ढाई साल की सत्ता की हिस्सेदारी का प्रावधान किया गया था। लेकिन उनके समर्थक इसका जिक्र अक्सर करते रहते हैं और खुद डीके शिवकुमार भी अपनी पार्टी के नेतृत्व पर दबाव बनाने के नए नए उपाय खोज लेते हैं। वे बिना कुछ कहे कांग्रेस आलाकमान को यह मैसेज देते हैं उनके लिए दूसरी ओर भी दरवाजा खुला हुआ है।
दबाव का उनका नया उपाय यह है कि उन्होंने विधानसभा में खड़े होकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की प्रार्थना पढ़ी। उसका कोई खास संदर्भ नहीं था। चर्चा हो रही थी बेंगलुरू आरसीबी की टीम के आईपीएल जीतने के उपलक्ष्य में हुए कार्यक्रम में मची भगदड़ पर और डीकेएस ने आरएसएस की प्रार्थना पढ़ी। उन्होंने ‘नमस्ते सदा वत्सले’ पूरी पढ़ी। इसके बाद भाजपा की ओर से खूब जोरदार तालियां बजीं, जबकि कांग्रेस के विधायकों में सन्नाटा रहा। बाद में शिवकुमार ने कहा कि वे कांग्रेसी जन्मे हैं और कांग्रेसी ही मरेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी भाजपा के साथ जाने की कभी भी मंशा नहीं रही। लेकिन कांग्रेस के नेताओं को मैसेज पहुंच गया है। इससे पहले वे महाशिवरात्रि की पूजा करने वहां पहुंचे थे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे थे। उससे पहले वे महाकुंभ में भी स्नान करने गए थे, जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं।
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