सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को करीब नौ महीने का समय दिया है जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के लिए। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सितंबर 2024 तक राज्य में विधानसभा का चुनाव होना चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि जल्दी से जल्दी पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। अब सवाल है कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा पहले बहाल होगा या विधानसभा का चुनाव पहले होगा? इसे लेकर केंद्र सरकार और कश्मीर की पार्टियों के बीच खींचतान चल रही है। पार्टियां चाहती है कि राज्य का दर्जा पहले बहाल किया जाए और तब चुनाव हो लेकिन केंद्र सरकार चुनाव के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना चाहती है।
ऐसा लग रहा है कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कोई समय सीमा नहीं दी है, सिर्फ जल्दी से जल्दी राज्य का दर्जा बहाल करने को कहा है इसलिए सरकार इसे चुनाव तक ले जाएगी। अब सवाल है कि चुनाव कब होगा? राज्य में विधानसभा भंग हुए पांच साल हो गए हैं। लेकिन सबको पता है कि फरवरी तक चुनाव नहीं हो सकते हैं क्योंकि ज्यादातर इलाका बर्फ से ढका होता है। इसलिए संभव है कि लोकसभा के साथ यानी अप्रैल-मई में विधानसभा का चुनाव। राज्य में परिसीमन का काम हो गया है, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम हो गया है और सीटें आरक्षित करने विधेयक भी संसद से पास हो गया है। इसलिए चुनाव में दिक्कत नहीं आनी चाहिए। लेकिन यह भी संभव है कि सरकार लोकसभा के साथ चुनाव नहीं करा कर सितंबर में कराए। तब सिर्फ एक राज्य का चुनाव होगा प्रचार आदि के लिए पर्याप्त समय होगा।
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