कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होने वाला है। इनमें से तीन सीटें कांग्रेस को मिलेगी और एक सीट भाजपा के खाते में जाएगी। बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा सीट अपने पास रखेगी या सहयोगी पार्टी जनता दल एस के प्रति सद्भाव दिखाएगी? यह सवाल इसलिए है क्योंकि जनता दल एस के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा रिटायर हो रहे हैं। उनकी उम्र 90 साल के करीब है। लेकिन वे संसद जाते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने सद्भाव भी बनाया है। अगर भाजपा दो उम्मीद उतारती है तब हो सकता है कि एक सीट देवगौड़ा के लिए छोड़े और तब चुनाव अलग तरह से दिलचस्प हो जाएगा।
जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो कांग्रेस कोटे से एक सीट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जाएगी। उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है और वे फिर से चुन कर आएंगे। वे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। बची हुई दो सीटों पर कांग्रेस के दोनों क्षत्रपों यानी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों दावा कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि शिवकुमार अपने भाई डीके सुरेश को राज्यसभा भेजना चाहते हैं। वे पहले लोकसभा के सांसद रहे हैं। लेकिन 2024 में चुनाव हार गए थे। जानकार सूत्रों का कहना है कि अगर सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों की सहमति से दो उम्मीदवार तय नहीं हुए तो कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकती है। इस बीच एक बार फिर से मुख्यमंत्री बदले जाने की चर्चा तेज हो गई है। दोनों नेता दिल्ली तलब किए गए हैं।


