Maharashtra Cabinet Expansion : महाराष्ट्र में आखिरकार मंत्रिमंडल का गठन हुआ। नतीजे आने के 22 दिन बाद और मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के शपथ लेने के 10 दिन बाद 39 मंत्रियों की शपथ कराई गई।
हालांकि विभाग अब भी नहीं बंटे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने रविवार को शपथ के बाद कहा कि दो दिन में विभाग बंट जाएंगे।
39 नए मंत्रियों की शपथ के बाद सरकार में मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्री सहित 42 मंत्री हो गए हैं। इन 42 में से अनेक मंत्री ऐसे हैं, जो केंद्रीय एजेंसियों के मारे हैं और एक समय जान बचाने को परेशान थे।
लेकिन अब सभी के मुकदमे स्थगित हो गए हैं। कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और जिस पार्टी ने यानी जिस भाजपा ने इनके खिलाफ अभियान छेड़ा ये सभी लोग उसी की सरकार में मंत्री हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन जिंदा होते तो इसके जरिए भी वे सापेक्षता का सिद्धांत समझा सकते थे।
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जाहिर है भाजपा के लिए भ्रष्टाचार निरपेक्ष नहीं है, बल्कि पार्टी सापेक्षिक है। जो व्यक्ति भाजपा विरोधी पार्टी में रह कर भ्रष्ट होता है वह भाजपा के साथ आने पर ईमानदार हो सकता है।
बहरहाल, कम से कम चार मंत्री ऐसे हैं, जिनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई चल रही थी। भले ईडी ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया लेकिन कार्रवाई बंद भी नहीं की है।
इनमें सबसे ऊपर उप मुख्यमंत्री अजित पवार का नाम है। उनको कई मामलों में क्लीन चिट मिली है लेकिन अभी वे पूरी तरह से बरी नहीं हुई हैं। अदालत में क्लोजर रिपोर्ट नहीं लगी है।
इसी तरह उनकी पार्टी के दो अन्य नेता धनंजय मुंडे और हसन मुश्रीफ भी ईडी की जांच झेल रहे हैं और देवेंद्र फड़नवीस की सरकार में मंत्री बने हैं।(Maharashtra Cabinet Expansion )
एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता प्रताप सरनाईक के खिलाफ भी ईडी की जांच चल रही है। भाजपा के अपने नेता गिरीश महाजन के खिलाफ भी सीबीआई की जांच चल रही थी लेकिन उनको राहत मिली हुई है।
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Image Source: ANI

