ममता बनर्जी ने पिछले दिनों एक चुनावी सभा में कहा कि उनको केंद्र सरकार और 19 राज्यों की सरकारों से अकेले लड़ना है। उनकी पार्टी लगातार कह रही है कि चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों से भी उनकी लड़ाई चल रही है। इसका एक सबूत तो यह है कि पिछले दिनों ईडी ने पार्थ चटर्जी और उनके कई सहयोगियों के यहां छापा मारा। उसके बाद एक दूसरे घटनाक्रम में ईडी ने ममता बनर्जी के लिए चुनाव प्रबंधन का काम संभाल रहे आईपैक के निदेशक विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर लिया। पता नहीं इसका चुनाव पर कितना और कैसा असर होगा लेकिन इससे पता चल रहा है कि ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की लड़ाई कैसी चल रही है।
ध्यान रहे ईडी ने आठ जनवरी को आईपैक के कार्यालय पर छापा मारा था। ममता बनर्जी के लिए चुनाव रणनीति बनाने वाली इस एजेंसी के दो निदेशकों प्रतीक जैन और विनेश चंदेल दोनों के यहां छापा पड़ा था। तब ममता बनर्जी छापे के दौरान आईपैक कार्यालय और प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं और कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तृणमूल कांग्रेस की रणनीति जानने के लिए छापा मरवा रहे हैं और दस्तावेज जब्त करा रहे हैं। अब मतदान से 10 दिन पहले एजेंसी ने चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है। ध्यान रहे आईपैक के संस्थापक प्रशांत किशोर के इससे अलग होने के बाद चंदेल ने ही इस एजेंसी को मजबूत बनाए रखा और इसे संचालित करते रहे। उनकी टीम ममता बनर्जी की पार्टी को 294 सीटों पर चुनाव लड़वा रही है। लेकिन चुनाव प्रचार के बीच आईपैक की पूरी टीम को तितर बितर कर दिया गया है। कोयला तस्करी के मामले में चंदेल की गिरफ्तारी हुई है। कहा जा रहा है कि कोयला तस्करी का पैसा उनको दिया गया और काले धन को सफेद बनाया गया।


