रेडियो पर प्रसारित होने वाला मन की बात कार्यक्रम एक ऑडियो कार्यक्रम है। इसका कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं होता है। लेकिन आकाशवाणी से हर महीने प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम धीरे धीरे एक बडे इवेंट में कन्वर्ट होता जा रहा है। सरकार के मंत्रियों और भाजपा के नेताओं में होड़ मची है कि कौन कितने क्रिएटिव तरीके से मन की बात सुनने का आयोजन कर सकता है और उसकी वीडियो रिकॉर्ड करके उसे सोशल मीडिया में वायरल करा सकता है। मंत्री और नेता अपने इनोवेटिव वीडियो डाल भी रहे हैं, जिसे लेकर खूब मजाक बन रहा है और सोशल मीडिया में राइटविंग के ही लोग कई तरह के मजाकिया सुझाव भी दे रहे हैं।
इस बार के मन की बात का प्रसारण रविवार, 28 जून को हुई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने आवास पर इसका आयोजन कराया तो भाजपा कार्यालय के कर्मचारियों को उसमें बुलाया गया। कहा जा रहा है कि उनके गृह प्रवेश के मौके पर कई कर्मचारी छूट गए थे। इसलिए उनको बुलाया गया और सबने साथ बैठ कर मन की बात का प्रसारण सुना। इसकी खबर अखबारों में भी आई। इसी तरह लगातार आलोचना झेल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने गाड़ी में चलते हुए मोबाइल पर मन की बात सुनने का वीडियो डाला और बताया कि वे ओडिशा के मंत्री के साथ यात्रा में यह कार्यक्रम सुन रहे हैं। सबसे ज्यादा मजाक उन्हीं का बना। जिले से लेकर राज्यों तक में पार्टी के नेताओं ने कार्यालय में बैठ कर इसे सुनने का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया में डाला। हर नेता चाहता है कि मन की बात सुनते हुए कुछ ऐसा इवेंट क्रिएट करें, जो प्रधानमंत्री या उनकी टीम की नजर में आए।


