भारतीय जनता पार्टी के अपने ब्राह्मण नेता इंतजार करते रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस छोड़ कर आए जितिन प्रसाद को केंद्र में मंत्री बना दिया। हालांकि उनको जब से टिकट मिली थी तभी से इस बात की चर्चा थी कि उनको मंत्री बनाया जाएगा इसलिए लोकसभा का चुनाव लड़ाया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद कम से कम तीन ब्राह्मण नेताओं को उम्मीद थी कि उनको मौका मिलेगा। एनसीआर की गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा सीट से जीते महेश शर्मा को लग रहा था कि उनकी फिर से सरकार में वापसी हो सकती है। वे नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में मंत्री बने थे लेकिन उसके बाद से उनको मौका नहीं मिल रहा है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के दो अन्य ब्राह्मण नेता दिनेश शर्मा और सुधांशु त्रिवेदी के नाम की भी चर्चा चल रही थी। ये दोनों नेता राज्यसभा में हैं। उत्तर प्रदेश के दो बड़े ब्राह्मण नेता अजय मिश्र टेनी और महेंद्र नाथ पांडेय चुनाव हारे थे। तो लग रहा था कि भाजपा राज्यसभा के ब्राह्मण नेताओं को मौका देगी। लेकिन ये तीनों नेता इंतजार करते रहे और जितिन प्रसाद मंत्री बन गए। इसी तरह राजधानी दिल्ली की उत्तर पूर्वी सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव जीते मनोज तिवारी को भी मंत्री बनने की उम्मीद थी। वे दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। उनके अलावा भाजपा के बाकी सभी छह सांसद पहली बार जीते थे। लेकिन मोदी ने तिवारी को छोड़ कर पहली बार के हर्ष मल्होत्रा को मंत्री बना दिया।
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