हटने लगे टेंट, लौटने लगे किसान… 378 दिनों बाद किसान का ‘छोड़ो दिल्ली’ …

आंदोलन के वापस होने के बाद से दिल्ली के बॉर्डर पर लगे टेंटों को हटाया जा रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा….

kisan Andolan : खत्म होगा किसान आंदोलन या रहेगा जारी… सिंघु बॉर्डर पर चल रहा मंथन…

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर होने वाली SKM की बैठक के बाद आंदोलन वापस लेने को लेकर अंतिम फैसला किया जा सकता है…

Good News : 15 दिसंबर से एक बार फिर शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा, बनी सहमति…

मोदी सरकार ने ये फैसला गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ बैठक करने के बाद लिया है. इस संबंध में नागर विमानन मंत्रालय…

Farm Law वापस लिया लेकिन नहीं मानी गलती…हार में भी जीत तलाशना तो कोई आपसे सीखे…

Nishant Sharma नई दिल्ली | Farm Law PM Modi : बीते सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि कानूनों को वापस ले लिया. गुरु नानक देव साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह घोषणा कर दी. किसान खुश हो गए और मिठाइयां बटने लगीं. लेकिन क्या आपने पीएम मोदी का देश के नाम किया गया संबोधन ध्यान से सुनना? यदि आपने ऐसा किया होता तो आपको पता होता है कि पीएम मोदी ने कहीं भी यह स्वीकार नहीं किया कि कृषि कानूनों में कोई गलती थी. इतना ही नहीं उन्होंने अपने संबोधन के दौरान यह भी नहीं माना कि इन कानूनों से किसानों का किसी भी प्रकार का कोई अहित हो रहा था. वह बस एक ही बात कह रहे थे कि हम किसानों तक अपनी बात समझाने में विफल हो गए. हार में भी ढूंढते हैं जीत Farm Law PM Modi : पीएम मोदी की यह आदत आज की नहीं है इसके पहले भी वे कई बार ऐसा कर चुके हैं. इसमें कोई शक नहीं है कि कृषि कानूनों को वापस लेने से भारतीय जनता पार्टी की किरकिरी हो गई है. लेकिन पीएम मोदी का संबोधन कुछ ऐसा था जैसे कृषि कानूनों में कोई… Continue reading Farm Law वापस लिया लेकिन नहीं मानी गलती…हार में भी जीत तलाशना तो कोई आपसे सीखे…

Indian Railways : मोदी सरकार की बड़ी घोषणा- अब कोई भी ले सकता है Train किराए पर..

किसी भी राज्य की सरकार या फिर कोई निजी कंपनी ट्रेन को किराए पर ले सकती है. इसके लिए स्टेकहोल्डर्स के साथ रेल मंत्रालय…

सांसद निधि योजना फिर शुरू होगी

कोरोना वायरस की महामारी की वजह से बंद कर दी गई सांसद निधि योजना एक बार फिर शुरू होगी। इस योजना के तहत सांसदों पर हर साल अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए पांच करोड़ रुपए की राशि मिलती है।

टेलीकॉम में बिना मंजूरी के सौ फीसदी निवेश की मंजूरी

केंद्र सरकार ने टेलीकॉम और ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़े राहत पैकेज की भी घोषणा की।

यादव समाज के चार मंत्री बनाने का प्रचार

ministers of yadav society : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में इस बार चार यादव मंत्री बनाए गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों में से किसी की नजर इस ओर नहीं गई थी लेकिन यादव समाज और भाजपा के नेता इसका जम कर प्रचार कर रहे हैं। ध्यान रहे प्रधानमंत्री मोदी के नए मंत्रिमंडल की कई नजरिए से व्याख्या हुई है। सबसे ज्यादा ओबीसी, सबसे ज्यादा दलित और सबसे ज्यादा एसटी मंत्री होने का प्रचार किया गया। उत्तर प्रदेश से सात मंत्री बनाए गए, जिनमें से छह पिछड़े या दलित समाज के हैं। सो, तमाम व्याख्या के बीच यादव समाज के चार मंत्री बनाने के पहलू से कोई विश्लेषण नहीं हुआ। Read also आर्थिकी को संभालने के छोटे-छोटे उपाय! ministers of yadav society प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में पहले से दो यादव मंत्री थे। बिहार से नित्यानंद राय और हरियाणा के राव इंद्रजीत सिंह। बिहार के यादव समाज का हरियाणा यादव समाज से पहले से जुड़ाव रहा है। लालू प्रसाद के एक दामाद राव चिरंजीवी हैं और शरद यादव की बेटी की शादी भी हरियाणा में हुई है। सो, बिहार और हरियाणा का कनेक्शन था। यह अलग बात है कि बिहार में यादव भाजपा को वोट देने से कतराते हैं। वे लगभग… Continue reading यादव समाज के चार मंत्री बनाने का प्रचार

पीयूष गोयल राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में हुए प्रमोट, थावरचंद गहलोत के पद पर होंगे आसीन

कुछ समय पहले ही मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था। इसमें कई नए चेहरे देखने को मिले थे। और बहुत से पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो गई थी। पीयूष गोयल को मोदी मंडल में वाणिज्य और उद्योग मंत्री, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री और कपड़ा मंत्री का विभाग सौंपा गया। और अब पीयूष गोयल का प्रमोशन कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राज्यसभा में सदन के नेता बनने जा रहे है। इससे पहले इस पद पर थावरचंद गहलोत आसीन थे। ( Piyush Goyal’s promotion) लेकिन थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया गया था। जिसके कारण यह पद खाली हो गया था। गोयल फिलहाल में उच्च सदन के उपनेता हैं। वरिष्ठ सांसद के तौर पर गोयल एक प्रभावी फ्लोर मैनेजर रहे हैं, उनके नेतृत्व में तीन तलाक और अनुच्छेद 370 जैसे महत्वपूर्ण बिल पारित किए गए है। महाराष्ट्र के रहने वाले गोयल का राज्य के लोगों और सदन के विपक्षी नेताओं के साथ एक उत्कृष्ट तालमेल है। also read: Breaking News : केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत कैबिनेट की बैठक में 17 से 28 प्रतिशत हुआ DA , लगी मुहर पीयूष गोयल का विपक्षी नेताओं के साथ अच्छा तालमेल इससे पहले जो दूसरा नाम चर्चा… Continue reading पीयूष गोयल राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में हुए प्रमोट, थावरचंद गहलोत के पद पर होंगे आसीन

सामाजिक विकास का एजेंडा नए नेताओं को

agenda of social development : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक विकास का एजेंडा अपने भरोसे के और अपेक्षाकृत नए नेताओं को सौंपा है। ध्यान रहे कोरोना वायरस की महामारी फैलने के बाद से ही इस बात पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि सामाजिक विकास पर कैसे ध्यान दिया जाए, उस पर किस तरह से खर्च बढ़ाया जाए और लोगों तक लाभ पहुंचाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने दीपिका कुमारी, नीरज चोपड़ा सहित कई खिलाड़ियों से की बात, कहा – किसी के अपेक्षाओं के दबाव में आने की जरूरत नहीं.. सामाजिक विकास के नजरिए ( agenda of social development ) से तीन सबसे अहम मंत्रालय हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और रोजगार। प्रधानमंत्री मोदी की नई कैबिनेट में शिक्षा मंत्रालय धर्मेंद्र प्रधान को मिला है और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को बनाया गया है। वन व पर्यावरण और श्रम व रोजगार मंत्रालय भूपेंद्र यादव को सौंपा गया है। यह भी पढ़ें: हिंदुवादी नहीं जातिवादी कैबिनेट! भूपेंद्र यादव पहली बार मंत्री बने हैं और उनको ऐसा विभाग दिया गया है, जिस पर सबकी नजर है। पिछले कुछ समय से रोजगार में कमी सबसे बड़ा मुद्दा है और पर्यावरण सुरक्षा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मसला है। उनको इन दोनों मंत्रालयों में सरकारी खर्च बढ़ाना… Continue reading सामाजिक विकास का एजेंडा नए नेताओं को

सहकार के नाम पर संघर्ष बढ़ेगा!

ministry of cooperation : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा सहकारी संघवाद की बात करते थे। लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से राज्यों के साथ केंद्र का टकराव बहुत बढ़ गया है और सहकारी संघवाद तो दूर की बात है, पहले से चल रहा संघवाद भी खतरे में है। तभी जब उनकी सरकार ने सहकार मंत्रालय बनाने का ऐलान किया और केंद्र सरकार के दूसरे सबसे शक्तिशाली मंत्री अमित शाह को इस मंत्रालय को चलाने के लिए चुना गया तभी यह संकेत मिलने लगे कि टकराव बढ़ेगा। इसकी शुरुआत हो भी गई है। मंत्रालय ने अभी कामकाज शुरू नहीं किया है लेकिन इसके कामकाज को लेकर आशंका जताई जाने लगी है। देश की कम्यूनिस्ट पार्टियों ने सबसे पहले इसका विरोध करते हुए सवाल उठाया। यह भी पढ़ें: रविशंकर प्रसाद को हटाए जाने का रहस्य! उसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस मंत्रालय ( ministry of cooperation ) का विरोध करते हुए कहा कि सहकारिता राज्यों का मामला है और उसमें केंद्र को दखल नहीं देना चाहिए। इसमें हैरानी नहीं है कि इसका सबसे ज्यादा विरोध महाराष्ट्र में हो रहा है और सहकार मंत्रालय संभालते ही अमित शाह तीन दिन के गुजरात दौरे पर गए। ध्यान रहे महाराष्ट्र और… Continue reading सहकार के नाम पर संघर्ष बढ़ेगा!

मंत्रालयों को तर्कसंगत बनाने की जरूरत

Modi Cabinet exapansion narendra Modi : नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने थे तो उम्मीदों के अलावा कई अच्छी चीजों की चर्चा थी। उम्मीद अच्छे दिन की थी, जिसमें पेट्रोल-डीजल सस्ता होना था, महंगाई खत्म होनी थी, डॉलर सस्ता होना था, रोजगार मिलने थे इत्यादि इत्यादि। इसके अलावा जिन अच्छी चीजों की चर्चा थी उसमें एक गवर्नेंस को बेहतर बनाने की थी, जिसके तहत मंत्रिमंडल का आकार छोटा होना था और मंत्रालयों को तर्कसंगत बनाया जाना था। यह कहा जा रहा था कि सारे विभाग बेहतर तालमेल के साथ काम करें और समग्रता से नीतियां बनाई जा सकें इसके लिए कुछ मंत्रालयों का एक-दूसरे में विलय कराया जाएगा। सात साल में यह हुआ है कि इसकी चर्चा बंद हो गई है और प्रधानमंत्री ने दूसरे कार्यकाल की पहली फेरबदल से यह अच्छा और जरूरी काम होने की संभावना के दरवाजे बंद कर दिए हैं। भारत में 91वें संविधान संशोधन के जरिए 2004 में मंत्रियों की संख्या सीमित की गई थी। यह भी पढ़ें: नया कैबिनेट, उम्मीद करना फालतू! उस समय तक केंद्र और राज्यों में कुल मंत्रियों की सीमा तय नहीं थी। तभी बिहार में राबड़ी देवी की सरकार में एक बार 90 मंत्री बना दिए गए थे। ऐसी स्थिति से… Continue reading मंत्रालयों को तर्कसंगत बनाने की जरूरत

रविशंकर प्रसाद को हटाए जाने का रहस्य!

removal Ravi shankar prasad  : वैसे तो उम्र के फैक्टर के आधार पर थावरचंद गहलोत को हटाने की बात छोड़ दें तो बाकी किसी भी मंत्री को न तो हटाने का कारण समझ में आता है और न उन्हीं के जैसे दूसरे लोगों को मंत्री बनाने का कारण समझ में आता है, पर सबसे ज्यादा हैरानी रविशंकर प्रसाद को हटाए जाने पर है। यह बड़ा रहस्य है कि आखिर उनको क्यों हटाया गया। क्या इसलिए कि वे ट्विटर से उलझ गए थे और उसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार की छवि प्रभावित हो रही थी? लेकिन ट्विटर और दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों से उलझने का मैंडेट तो केंद्र सरकार का था ही तभी फरवरी में नए आईटी कानून बनाए गए थे, फिर इसमें रविशंकर प्रसाद की क्या गलती थी? यह भी पढ़ें: सबके लिए एक-जैसा कानून कब बनेगा? उलटे उनकी उपलब्धियां बड़ी हैं, जिनकी वजह से उनको छोटी-मोटी गलतियों के बावजूद सरकार में बनाए रखा जाना चाहिए था। जैसे वे मंत्री बनने से पहले अयोध्या मामले में रामलला के वकील थे। अगर अयोध्या में मंदिर बनने का रास्ता साफ हुआ है तो उसमें बड़ी भूमिका उनकी रही है। इसी तरह उनके कानून मंत्री रहते राफेल का मामला उठा और… Continue reading रविशंकर प्रसाद को हटाए जाने का रहस्य!

उड्डयन मंत्री सिंधिया ने पदभार ग्रहण करते ही दी 8 नई उड़ानों की सौगात, मंत्री बनते ही होने लगी बरनोल की राजनीति

बुधवार को ही मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था। ( Jyotiraditya started 8 new flights ) जिसमें कई नए चेहरे देखने को मिले थे। बहुत से पुराने चेहरों की छुट्टी भी हुई है। मंत्रिमंडल में नागरिक उड्डयन मंत्री का पदभार ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया को सौंपा गया। पदभार संभालत ही सभी मंत्री काम पर लग गए। नागरिक उड्डयन मंत्री ने मध्यप्रदेश को 8 नई उड़ानों की सौगात दी। इस बात की जानकारी खुद मंत्रीजी ने ट्वीट कर के दी। खास बात ये है कि जिन 8 उड़ानों का ऐलान किया गया है उनमें 6 अकेले ग्वालियर से चलेंगी, जबकि एक जबलपुर से उड़ान भरेगी। लेकिन इस ट्वीट पर कांग्रेस तंज कसने से पीछे नहीं रही। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से सार्वजनिक की गई जानकारी के मुताबिक स्पाइस जेट की 8 नई उड़ानों को मंजूरी प्रदान की गई है। ये 16 जुलाई से उड़ान भरेंगी। इन उड़ानों में- ग्वालियर-अहमदाबाद-ग्वालियर, ग्वालियर- मुम्बई-ग्वालियर, ग्वालियर-पुणे- ग्वालियर और जबलपुर-सूरत-जबलपुर, शामिल हैं। also read: देहरादून दौरे पर सीएम केजरीवाल ने जनता को दी 4 गारंटी , कहा- 300 युनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी, पुराने सभी बिल माफ.. सिंधिया जी ने फेंकने में मोदी जी को भी छोड़ा पीछे-कांग्रेस ( Jyotiraditya started 8 new flights… Continue reading उड्डयन मंत्री सिंधिया ने पदभार ग्रहण करते ही दी 8 नई उड़ानों की सौगात, मंत्री बनते ही होने लगी बरनोल की राजनीति

मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर आपराधिक मामले : ADR की रिपोर्ट

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस सप्ताह के शुरू में शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद नव-शामिल किए गए सांसदों को विभागों का आवंटन किया। कुल 15 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया गया, जबकि 28 सांसदों को केंद्रीय राज्य मंत्री का पद दिया गया। इस प्रकार, प्रधान मंत्री की मंत्रिपरिषद में सदस्यों की कुल संख्या अब 78 हो गई है।

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