ऐसे संयोग बार बार नहीं होते हैं कि एक परिवार के सदस्य दो राज्यों, तीन अलग अलग पार्टियों से चुनाव लड़ें और जीत कर विधायक हो जाएं। तमिलनाडु में यह कारनामा हुआ है और कारनामा किया है लॉटरी किंग के नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन के परिवार ने। सैंटियागो मार्टिन का नाम कुछ समय पहले इस बात के लिए चर्चा में आया था कि उन्होंने सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदे थे और राजनीतिक दलों को चंदा दिया था। भाजपा से लेकर तृणमूल कांग्रेस तक को उन्होंने सैकड़ों करोड़ रुपए का चंदा दिया था। अब उनका परिवार तीन विधायक बनाने के लिए चर्चा में है।
गौरतलब है कि सैंटियागो मार्टिन यानी लॉटरी किंग के दामाद आधव अर्जुन काफी समय से फिल्म स्टार विजय से जुड़े हैं और विजय की पार्टी के चुनाव विंग के सचिव हैं। वे टीवीके की टिकट से तमिलनाडु की विल्लीवाक्कम सीट से जीते हैं। मार्टिन की पत्नी लीमा रोज तमिलनाडु की तिरूचिरापल्ली जिले की लालगुडी सीट से अन्ना डीएमके की टिकट से चुनाव लड़ीं और जीत गईं। सबसे दिलचस्प मामला लॉटरी किंग के बेटे का है। उन्होंने एलजेके नाम से अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पुडुचेरी की कामराजनगर सीट से से चुनाव लड़े। वे भी चुनाव जीत गए हैं। सो, सैंटियागो मार्टिन की पत्नी, बेटा और दामाद तीनों विधायक हो गए हैं। तीनों अलग अलग पार्टियों से जीते हैं और दो अलग अलग राज्यों में विधायक होंगे।


