राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

पूर्वोत्तर में वंदे मातरम् अनिवार्य करने का विरोध

भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को कई जगह अनिवार्य कर दिया है। सरकारी समारोहों के साथ साथ स्कूलों और कॉलेजों में इसे गाना अनिवार्य किया गया है। विपक्षी पार्टियों में कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। लेकिन सबसे ज्यादा विरोध मुस्लिम संगठनों की ओर से किया गया है। अब खबर है कि पूर्वोत्तर में इसका विरोध शुरू हुआ है और वह भी भाजपा की एक सहोयगी पार्टी ने इसका विरोध किया है। नगालैंड में भाजपा की सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट यानी एनपीएफ ने इस पर सवाल उठाया है और इसको लागू करने का औचित्य पूछा है।

एनपीएफ की ओर से कहा गया है कि यह उनकी पहचान और संस्कृति से मेल नहीं खाता है। गौरतलब है कि नगालैंड में एनपीएफ ही एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रही है। कुछ दिन पहले ही एनडीपीपी और एनपीएफ का विलय हुआ, जिसके बाद एनपीएफ के 34 विधायक हो गए हैं। इस तरह 60 सदस्यों की विधानसभा में उसे अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल है। भाजपा के 11 विधायक हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि मणिपुर के घटनाक्रम के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों में एक एक करके भाजपा के सहयोगियों में नाराजगी बढ़ रही है। कोनरेड संगमा की पार्टी एनपीपी ने भी अपने को भाजपा से दूर किया है। उसका असर चार राज्यों में है और मेघालय में वह सरकार में है। यह भी बताया जा रहा है कि भाषा, संस्कृति, खान पान जैसे मुद्दों पऱ भाजपा के रुख से ही पार्टियों में नाराजगी बढ़ रही है।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seventeen + 18 =