केंद्र सरकार ने छोटे मोटे काम धंधे करने वाले और रेहड़ी पटरी वालों के लिए शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना को 2030 तक बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला हुआ। सरकार ने इसका आवंटन भी बढ़ाया है और साथ ही पहले लोन की सीमा 10 हजार रुपए से बढ़ा कर 15 हजार रुपए कर दी है। इसके अलावा यह भी प्रावधान किया गया है कि दूसरा लोन चुकाने वाले रुपे कार्ड मिलेगा, जिससे वे अपनी जरुरत के लिए पैसे निकाल सकेंगे। यह अच्छी बात है कि सरकार ने योजना को बढ़ाया और इसमें कुछ और चीजें जोड़ीं।
लेकिन सवाल है कि 2030 तक क्यों? मौजूदा सरकार का कार्यकाल जून 2029 तक है तो कायदे से सरकार को योजना की अवधि भी उसी समय तक बढ़ानी चाहिए थी लेकिन इसे 2030 तक बढ़ाया गया इसका मतलब है कि 2029 के चुनाव की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। यह 2029 के चुनाव की तैयारी है। उस समय तक सरकार खुले हाथ पैसे बांटेगी। याद करें कैसे 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच किलो मुफ्त अनाज वाली योजना को पांच साल के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के चुनाव के साथ साथ देश के चुनाव को ध्यान में रख कर ऐलान किया था। उसी तरह पीएम स्वनिधि की योजना को 2030 तक बढ़ाने का ऐलान बिहार और अगले सालों में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ साथ लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रख कर किया गया है।