आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की एक फिल्म अभिनेत्री से शादी की खबरें बंद हुई हैं तो उनके अदालती मुकदमों की खबरें आने लगी हैं। उन्होंने पंडारा रोड का टाइप सात का अपना बंगला बचाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहां उन्होंने राज्यसभा के सभापति के फैसले को सही बताते हुए कहा है कि बहुत सोच समझ कर उनको पंडारा रोड का बंगला मिला है और सरकार वह बंगला उनसे नहीं छीन सकती है। लेकिन राज्यसभा से निलंबन के सभापति के फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
असल में राघव चड्ढा को मॉनसून सत्र के आखिरी दिन 11 अगस्त को कार्यवाही समाप्त होने से एक घंटे पहले सदन से निलंबित कर दिया गया था। उनका निलंबन अभी तक जारी है। वे विशेष सत्र में हिस्सा नहीं ले पाए और न समितियों की बैठक में शामिल हो पा रहे हैं। अब पार्टी की मुश्किल यह है कि राज्यसभा में उसके नेता संजय सिंह को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है और राघव चड्ढा अनिश्चितकाल के लिए निलंबित हैं। कट्टर ईमानदारी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इन दो के अलावा किसी नेता को राज्यसभा में भेजा ही नहीं है। उन्होंने सिर्फ कारोबारियों, खिलाड़ियों, चुनाव प्रबंधकों आदि को राज्यसभा भेजा है। उधर लोकसभा में उनकी पार्टी के सिर्फ एक सांसद हैं और वे भी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ कर उनकी पार्टी में शामिल हुए थे। सो, अगर यही स्थिति रही तो शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पार्टी के पास कोई ढंग का नेता नहीं होगा।
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