एक बार राज्यसभा चुनाव से पहले सोनिया गांधी ने हेमंत सोरेन को बुला कर बात की थी और कहा था कि वे राज्यसभा की सीट कांग्रेस को देंगे। यह साल 2022 की बात थी। सोनिया गांधी को हेमंत ने कहा था कि वे सोच कर बताते हैं। उसके दिल्ली से लौट कर उन्होंने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी पार्टी से महुआ मांजी को उम्मीदवार बना दिया। उससे पहले 2020 में उनके पिता शिबू सोरेन राज्यसभा गए थे क्योंकि वे 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। फिर 2024 के चुनावी साल में हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के लिए विधानसभा सीट खाली करने वाले सरफराज अहमद को राज्यसभा भेजा। इस हेमंत कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री हैं लेकिन तीन चुनावों से उन्होंने कांग्रेस को राज्यसभा की सीट नहीं दी है।
इस बार कांग्रेस को उम्मीद है कि हेमंत एक सीट उसको देंगे। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ प्रदेश के प्रभारी के राजू और तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने हेमंत से मुलाकात की। हेमंत ने फिर कहा है कि वे अपनी पार्टी में विचार विमर्श करके कांग्रेस को दो दिन में बताएंगे। ध्यान रहे आठ जून तक राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने का समय है। उससे पहले कांग्रेस आलाकमान को हेमंत सोरेन से बात करनी होगी। अन्य़था वे कांग्रेस को सीट नहीं देंगे।
अगर कांग्रेस को सीट मिल भी जाती है तो उसके जीतने की गारंटी हेमंत सोरेन नहीं देने वाले हैं। ध्यान रहे हेमंत अपनी एक सीट जीतेंगे उसके बाद उनके छह वोट बचेंगे। राजद के चार और लेफ्ट के दो वोट इसके साथ जुड़ें और कांग्रेस के 16 विधायक एकजुट रहें तभी सीट जीती जा सकती है। कांग्रेस को सीट जीतने के लिए सभी 28 वोट मैनेज करने होंगे। बाई डिफॉल्ट एक भी सीट नहीं मिलेगी। इसलिए किसी बहुत अमीर उम्मीदवार की जरुरत होगी। भाजपा निश्चित रूप से एक उम्मीदवार उतारेगी। एनडीए के पास 24 विधायक हैं। उसे सिर्फ चार वोट मैनेज करना होगा। परिमल नाथवानी या उनके बेटे के नाम की चर्चा है। कांग्रेस की ओर से शराब कारोबारी धीरज साहू जोर लगा रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी उनके पक्ष में नहीं बताए जा रहे हैं।


