भारतीय जनता पार्टी में तमिलनाडु को लेकर अंदर अंदर कुछ बड़ी योजना बन रही है। तमिलनाडु से मिले धार्मिक प्रतीक सेंगोल को संसद में स्थापित करने के बाद अमित शाह ने वहां एक कार्यक्रम में कहा था धन्यवाद स्वरूप तमिलनाडु के लोग 25 लोकसभा सीटें नरेंद्र मोदी को दें। उससे पहले तमिल काशी संगम का बहुत शोर रहा था। पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका गए तो वहां प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है। अब तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने एक पदयात्रा निकाली है, जिसे अमित शाह ने हरी झंडी दिखाई।
तमिल में इस पदयात्रा का जो नाम दिया गया है उसका मतलब है ‘मेरी धरती, मेरे लोग’। इस यात्रा को हरी झंडी दिखाने के मौके पर भाजपा की सहयोगी पार्टियों ने दूरी बनाई। उसकी दो छोटी सहयोगी पार्टियों डीएमडीके और पीएमके ने इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। बड़ी सहयोगी और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्ना डीएमके ने इसमें हिस्सा लिया लेकिन उसने भी सिर्फ एक पूर्व मंत्री को कार्यक्रम में भेजा। जाहिर है उसने भी कोई बहुत उत्साह नहीं दिखाया। असल में अन्ना डीएमके और दूसरे सहयोगी पार्टियां इस बात को लेकर हैरान हैं कि जब भाजपा को उनके साथ लड़ना है और उसका कोई स्वतंत्र आधार नहीं है तो फिर वह क्यों इतने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम कर रही है? सहयोगी पार्टियां इस आशंका में हैं कि भाजपा ज्यादा सीट मांग सकती है। दूसरी ओर भाजपा के नेता कह रहे हैं पार्टी को पहली बार तमिलनाडु में कुछ बेहतर करने की संभावना दिख रही है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


