कांग्रेस पार्टी जहां भी प्रादेशिक पार्टियों के साथ गठबंधन में है वहां उसने अपने विस्तार के लिए मोर्चा खोल दिया है। बिहार के बाद कांग्रेस ने तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले ज्यादा सीटों की मांग शुरू कर दी है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि लोकसभा में पार्टी के सांसदों की संख्या बढ़ी है और देश भर में राहुल गांधी की वजह से भाजपा विरोधी माहौल बना है। इसका लाभ पार्टी को मिलना चाहिए। तमिलनाडु कांग्रेस के विधायक एस राजेश कुमार ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर लड़ने की मांग की है और साथ ही कहा है कि पार्टी को सरकार में शामिल होना चाहिए।
कांग्रेस विधायक ने कहा है कि राज्य में डीएमके सरकार की बजाय ‘इंडिया’ ब्लॉक की यानी गठबंधन की सरकार होनी चाहिए। गौरतलब है कि 239 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव में 2021 में कांग्रेस सिर्फ 25 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। हालांकि लोकसभा में डीएमके ने कांग्रेस को 39 में से नौ सीटें दीं लेकिन विधानसभा में डीएमके ज्यादा सीटों पर लड़ती है। 2021 में डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था। असल में तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस गठबंधन में सेकुलर प्रोग्रेसिव अलांयस में 12 पार्टियां हैं। तभी कांग्रेस के लिए ज्यादा सीटों की संभावना नहीं है। कांग्रेस को ज्यादा सीटें तभी मिल सकती हैं, जब डीएमके अपनी कुछ सीटें छोड़ें। इसके लिए एमके स्टालिन किसी कीमत पर तैयार नहीं होंगे। बिहार चुनाव के बाद कांग्रेस नेता इस नए मोर्चे पर सक्रिय होंगे।
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