राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

स्टालिन ने भाजपा को दिया बड़ा झटका

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बड़ा झटका दिया है। अमित शाह पिछले कुछ समय से यह प्रयास कर रहे थे कि पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को किसी तरह से एनडीए में लाया जाए। लेकिन उनको लेकर दो तरह की समस्या थी। एक समस्या अन्ना डीएमके पर पूरा कब्जा करके बैठे ई पलानीस्वामी थे, जिन्होंने साफ कर दिया था कि वे पनीरसेल्वम को कबूल नहीं करेंगे। दूसरी ओर पनीरसेल्वम ने भी कहा था कि पलानीस्वामी को नेता घोषित करके चुनाव लड़ा गया तो वे शामिल नहीं होंगे। इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से अपने तार जोड़ लिए थे। अब पनीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थाम लिया है। बताया जा रहा है कि स्टालिन उनसे वादा किया है कि चुनाव जीतने के बाद उनको विधानसभा का स्पीकर बनाया जाएगा। ध्यान रहे वे थोड़े थोड़े समय के लिए तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं।

पनीरसेल्वम ने पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। उनके प्रचार का नतीजा था कि सेंट्रल और साउथ तमिलनाडु में कम से कम पांच सीटों पर भाजपा को फायदा हुआ और वह दूसरे स्थान रही। इन सीटों पर अन्ना डीएमंके तीसरे स्थान पर चली गई थी। पनीरस्लेवम थेवर समुदाय से आते हैं और मध्य व दक्षिण तमिलनाडु में बहुत असर रखते हैं। उनके प्रचार के कारण मदुरै, तिरूनेलवेली, कन्याकुमारी, थेनी और रामनाथपुरम सीट पर भाजपा दूसरे स्थान पर रही। अब वे डीएमके से जुड़ गए हैं। वैसे भी डीएमके को दक्षिण तमिलनाडु में एक मजबूत नेता की जरुरत थी। पनीरसेल्वम ने वह कमी पूरी कर दी है। ध्यान रहे थेवर कभी भी डीएमके समर्थक नहीं रहे हैं। अगर उनका कुछ भी वोट पनीरसेल्वम ट्रांसफर कराते हैं तो डीएमके को उसका बड़ा लाभ मिलेगा। वीके शशिकला भी थेवर समुदाय से आती हैं। उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण की एनडीए में वापसी हो गई है। सो, थेवर वोट के लिए अच्छी जोर आजमाइश होने वाली है।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment