राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

पांच ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य दूर हो गया

केंद्र सरकार ने महंगाई और विकास दर दोनों के आकलन का फॉर्मूला बदला है। साथ ही इसके आकलन का आधार वर्ष भी बदला गया है। सरकार ने जो फॉर्मूला अपनाया है उससे महंगाई दर में स्थायी रूप से कमी दिखाई देगी क्योंकि सरकार ने उसे खाने पीने की चीजों का अनुपात कम कर दिया है, जिससे सीजनल महंगाई का आंकड़ा कम हो जाएगा। इसी तरह विकास दर भी बढ़ी हुई दिखाई देगी लेकिन भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का आंकड़ा भी कम हो जाएगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जीडीपी की जो नई सीरीज जारी की गई उसमें भारत की अर्थव्यवस्था का आकार कम हो जाएगा। इससे प्रति व्यक्ति आय भी घटेगी। वैसे प्रति व्यक्ति आय में डॉलर की कीमत बढ़ने से भी कमी आ रही है। ध्यान रहे प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े को डॉलर में कन्वर्ट करके आंका जाता है। पहले अनुमान था कि भारत में प्रति व्यक्ति सालाना आय दो लाख 51 हजार से कुछ ज्यादा होगा लेकिन नई सीरीज के बाद यह दो लाख 43 हजार के करीब रहेगी।

बहरहाल, जीडीपी की नई सीरीज आने के बाद सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक 2022-23 में भारत की जीडीपी 267 लाख करोड़ नहीं, बल्कि छह लाख करोड़ कम यानी 261 लाख करोड़ थी। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 में भारत की जीडीपी 357 लाख करोड़ नहीं, बल्कि उससे 12 लाख करोड़ कम होकर 345 लाख करोड़ रहेगी। माना जा रहा था कि 2025-26 में भारत चार ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगा लेकिन नई सीरीज के बाद यह 3.9 ट्रिलयन डॉलर पर रूकेगा। इससे पांच ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य कुछ और दूर हो जाएगा।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eleven + fifteen =