राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

शिंदे की पार्टी को भाजपा बचाएगी!

यह बड़ा सवाल है, जिसकी इन दिनों महाराष्ट्र में बहुत चर्चा है। कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे की शिव सेना पर खतरा मंडरा रहा है। महाराष्ट्र में महायुति यानी भाजपा, शिव सेना और एनसीपी की सरकार को प्रचंड बहुमत है। भाजपा अकेले 132 सीट जीती है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 145 का है। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से लगातार इस बात की कोशिश हो रही है कि उसका अपने दम पर बहुमत हो जाए। लेकिन क्या यह बहुमत एकनाथ शिंदे की शिव सेना को तोड़ कर बनेगा? कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की शिंदे के साथ नहीं बन रही है लेकिन शिंदे को दिल्ली से भाजपा के बड़े नेताओं का समर्थन हासिल है।

मुश्किल यह है कि अगर भाजपा अपने को मजबूत करने के लिए शिव सेना को तोड़ती है तो फिर उसका बफर खत्म होगा। अगर एकनाथ शिंदे के कुछ विधायक टूट कर भाजपा में जाएंगे तो बचे हुए विधायक और पूरी पार्टी उद्धव ठाकरे के साथ चली जाएगी। फिर उद्धव ठाकरे की शिव सेना का रिवाइवल हो जाएगा। भाजपा ऐसा नहीं होने दे सकती है। इसलिए एकनाथ शिंदे की शिव सेना का वजूद बचा रहेगा। अगर जरुरत पड़ी तो उद्धव की शिव सेना और अजित पवार की एनसीपी या कांग्रेस को तोड़ने का प्रयास किया जाएगा। तभी आदित्य ठाकरे ने जो कहा कि शिंदे की पार्टी के 22 विधायक टूटने वाले हैं वह एक राजनीतिक दांव है। उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी के नेता चाहते हैं कि शिंदे की पार्टी टूटे। इसका सीधा लाभ उनकी पार्टी को मिलेगा।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

19 − 18 =