हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार हो रही हैं और पश्चिम बंगाल में उन हिंदुओं की जाति बता कर राजनीति हो रही है। पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि 18 दिसंबर को जिस हिंदू युवक की हत्या की गई थी और पेड़ पर लटका कर जिंदा जला दिया गया था वह दलित था। उनका कहना है कि दलित हिंदू की हत्या हुई इसलिए तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस या दूसरी विपक्षी पार्टियां इसके खिलाफ सवाल नहीं उठा रही हैं। दूसरे हिंदू अमृत मंड्ल उर्फ सम्राट की हत्या का मुद्दा भी जोर शोर से उठ रहा है।
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्र सरकार अपने स्तर पर कूचनीतिक पहल कर रही है। बांग्लादेश के उच्चायुक्त को बुला कर दो बार इस बारे में चिंता जताई गई है और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन शुभेंदु अधिकारी अपनी ओर से भी बांग्लादेश के उच्यायोग से संपर्क कर रहे हैं। वे कोलकाता में बांग्लादेश के बाणिज्य दूतावास में गए और हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर चिंता जताई। कोलकाता से लेकर सिलिगुड़ी और उधर त्रिपुरा के अगरतला में लगातार भाजपा के नेता प्रदर्शन कर रहे है। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के प्रदर्शन अलग हैं।
इस बीच सिलिगुड़ी और दार्जिलिंग सहित आसपास के इलाकों में बांग्लादेश का बहिष्कार शुरू हो गया है। सिलिगुड़ी होटल ऑनर्स एसोसिएशन ने बांग्लादेशी नागरिकों को अपने होटल में नहीं ठहराने का फैसला किया है। ध्यान रहे बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। अगर उस समय तक या चुनाव के समय हिंसा होती है और हिंदू शिकार बनते हैं तो बांग्लादेश और मुसलमानों के प्रति नाराजगी बढ़ेगी। इससे हिंदू वोट भाजपा के पक्ष में एकजुट हो सकते हैं। पिछले चुनाव में पश्चिम बंगाल की 70 फीसदी हिंदू आबादी में से 60 फीसदी वोट भाजपा को मिला था, जिसे बढ़ा कर 70 फीसदी तक ले जाने की चुनौती भाजपा के सामने है। भाजपा के चुनाव जीतने के लिए यह जरूरी है। बहरहाल, अभी तक चुनाव की तैयारियों में भाजपा की ओर से सिर्फ दो ही मुद्दे हैं। एक मुद्दा बांग्लादेश की तरफ से हो रही कथित घुसपैठ का है और दूसरा मुद्दा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले का है। इन्हीं दोनों मुद्दों पर भाजपा पश्चिम बंगाल का चुनाव लड़ेगी।


