राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

ममता की चिंता बढ़ी है

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार, चार अगस्त को दिल्ली में थे। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया यानी एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों से मुलाकात की। इन सांसदों की संवैधानिक स्थिति को लेकर अभी विवाद है। तकनीकी रूप से इन्हें अब भी तृणमूल कांग्रेस का ही सांसद माना जा रहा है। लेकिन ये एनडीए की बैठकों में शामिल हो रहे हैं। संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को होने वाले मंगल मिलन कार्यक्रम में ये सांसद शामिल हुए। बाद में शुभेंदु अधिकारियों ने इन सांसदों के साथ बैठक की। जानकार सूत्रों का कहना है कि शुभेंदु की दिल्ली यात्रा से ममता बनर्जी की चिंता बढ़ी है।

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी की पार्टी के बचे हुए आठ लोकसभा सांसदों में से कम से कम दो और सांसद भाजपा के संपर्क में हैं। ममता की चिंता किसी तरह से इन सांसदों को रोकने की है। असल में इससे पहले खबर आई थी कि ममता का साथ छोड़ कर गए 20 सांसदों में से तीन वापस लौटना चाहते हैं। इनमें एक मुस्लिम सांसद भी हैं। हालांकि भाजपा के नेता इसका खंडन कर रहे हैं। लेकिन अगर तीन सांसद वापस तृणमूल कांग्रेस में लौटेंगे तो फिर अलग हुए सांसद पर दलबदल कानून लागू हो जाएगा। दो तिहाई की संख्या पूरी करने के लिए 19 सांसदों का होना जरूरी है। तभी कहा जा रहा है कि भाजपा की ओर से कोशिश शुरू हुई है कि कम से कम दो और सांसद तोड़े जाएं। क्योंकि अगर पहले से टूटे हुए 20 में से तीन लौट जाते हैं और दो नए आते हैं तब भी संख्या 19 हो जाएगी।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment