यह बहुत दिलचस्प खबर है कि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली आए तो उन्होंने दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह से मुलाकात की। राजा इकबाल सिंह भाजपा के नेता हैं और दूसरी बार पार्षद बने हैं। आम आदमी पार्टी में तोड़फोड़ करके भाजपा ने दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी में बहुमत हासिल की तो राजा इकबाल सिंह मेयर बने। डीके शिवकुमार ने सोमवार को उनसे मुलाकात की। उनके साथ दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों की टीम थी, जिसने दिल्ली में हो रहे कामकाज के बारे में बताया। बताया जा रहा है कि एमसीडी की टीम ने 2041 का मास्टर प्लान भी दिखाया और पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए इसके बारे में सब कुछ शिवकुमार को समझाया गया। उनके साथ भी कर्नाटक के कुछ अधिकारी थे।
गौरतलब है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली तलब किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के आईपीएल ट्रॉफी जीतने के बाद हुए समारोहम भगदड़ मची थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। उस सिलसिले में कांग्रेस आलाकमान ने दोनों को दिल्ली बुलाया। मंगलवार को दोनों की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात हुई। लेकिन शिवकुमार उससे एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे और एमसीडी के अधिकारियों और मेयर से मिले। वे इससे पहले हैदराबाद और कुछ अन्य शहरों में भी नगर निकायों का कामकाज देखने गए थे। लेकिन सवाल है कि दिल्ली नगर निगम ने ऐसा कौन सा काम किया है, जो कर्नाटक सरकार को देखना है? दिल्ली में कांग्रेस तो रोज नगर निगम के कामकाज की आलोचना करती है। वैसे भी साफ सफाई से लेकर कूड़ा उठाने और कुतुबमीनार से भी ऊंचा कूड़े का पहाड़ बनाने के से लेकर नाले के पानी से यमुना के गंदा करने और उसी नाले का पानी लोगों के घरों में सप्लाई करने के लिए एमसीडी को जाना जाता है। इसमें से क्या सीख कर वे अपने यहां लागू करेंगे? कांग्रेस के नेता भी हैरान हैं और कह रहे हैं कि शिवकुमार भाजपा नेताओ से मिलने का कोई बहाना खोज ही ले रहे हैं! बहरहाल, अगर उनको नगर निगम का काम देखना ही है तो इंदौर जाकर देखें।
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