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कांग्रेस में किस पार्टी का विलय होगा?

ByNI Political,
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एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि कई पार्टियों का विलय कांग्रेस में होगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन पार्टियों का विलय होगा या किन पार्टियों से कांग्रेस की बात हो रही है लेकिन उनकी टिप्पणी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उन्हीं की पार्टी को लेकर हो रही है। यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या शरद पवार अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर सकते हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में उनका विरोध करने वाले नेताओं ने ऐसा कहना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी पार्टी के लोगों ने कहा कि सारी बात हो गई है और सिर्फ औपचारिकता पूरी करनी है। लेकिन इस बात की संभावना कम है कि शरद पवार अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करेंगे। एनसीपी के शरद पवार गुट का विलय कांग्रेस में होने की एक ही संभावना है कि वह लोकसभा चुनाव में पूरी तरह से समाप्त हो जाए और अजित पवार खेमा मजबूत होकर उभरे। लेकिन इसकी संभावना नहीं दिख रही है। अजित पवार के गुट को भले असली एनसीपी मान लिया गया हो लेकिन लोगों की नजर में अब भी शरद पवार का गुट ही असली लग रहा है। सो, अगर शरद पवार की पार्टी को लोकसभा की ठीक ठाक सीटें मिल जाती हैं तो वे अपनी पार्टी का विलय नहीं करेंगे।

हालांकि एक थ्योरी यह भी रही है कि पुराने कांग्रेसी नेता जब अपने जीवन और राजनीतिक करियर के आखिरी दौर में पहुंचते हैं तो वे अपने बच्चों को कांग्रेस में ही स्थापित करते हैं। केरल में करुणाकरण ने पार्टी छोड़ी थी लेकिन अंत में उनके बच्चे फिर कांग्रेस में ही लौट आए थे। लौटने का यह सिलसिला निरंतर चलता रहता है। पिछले दिनों वाईएस शर्मिला की कांग्रेस में वापसी हुई। उनके पिता वाईएसआर रेड्डी कांग्रेस के दिग्गज थे और 2004 व 2009 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनवाने मे उनकी बड़ी भूमिका रही थी। बाद में उनके बेटे जगन मोहन रेड्डी ने अपनी पार्टी बनाई और बेटी शर्मिला ने अलग पार्टी बनाई। अब शर्मिला की पार्टी का विलय कांग्रेस में हो गया है। जानकार सूत्रों का कहना है कि अगर इस बार लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में जगन मोहन की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो थोड़े समय के बाद जगन की वापसी का रास्ता भी बन सकता है। हालांकि यह इस पर निर्भर करेगा कि दोनों भाई बहन का संबंध कैसा होता है।

पिछले दिनों बिहार के नेता पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी का विलय भी कांग्रेस में हुआ। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की एकाध छोटी पार्टियों का विलय भी कांग्रेस में हुआ। लेकिन अगर कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो कांग्रेस से अलग हुई कुछ और पार्टियों के विलय की बात शुरू हो सकती है। खासतौर से दक्षिण भारत में। ध्यान रहे जीके मूपनार के बेटे जीके वासन ने भाजपा से तालमेल किया है लेकिन नतीजों के बाद स्थितियां बदल सकती हैं। अगर के चंद्रशेखर राव की पार्टी इस चुनाव में एकाध सीटों पर सिमटी तो वहां भी इस तरह का प्रयास शुरू हो सकता है।

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