नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संजय झा राज्यसभा जाएंगे। बिहार में राज्यसभा की एक सीट जनता दल यू को मिलेगी और उस सीट से नीतीश कुमार ने संजय झा को ऊपरी सदन में भेजने का फैसला किया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक संजय झा ने इस बार दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ बातचीत की थी और नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी का रास्ता बनाया था। वे गठबंधन में दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन वह भाजपा की पारंपरिक सीट है और वह नहीं छोड़ेगी। इसलिए उनको राज्यसभा भेजने का फैसला हुआ है। हालांकि एक चर्चा यह भी थी कि केसी त्यागी भी इस मामले में सक्रिय थे और उनको भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। लेकिन केसी त्यागी इस बार भी राज्यसभा जाने से चूक गए। नीतीश कुमार ने पिछले दिनों उनको राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया था।
बहरहाल, बिहार में जनता दल की दो राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं लेकिन चूंकि उसके पास सिर्फ 45 विधायक हैं इसलिए वह एक से ज्यादा सीट नहीं जीत सकती है। भाजपा की एक सीट खाली हो रही है लेकिन उसे दो सीटें मिलेंगी और दो सीटें राजद के खाते में जाएंगी। एक सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलश प्रसाद सिंह राज्यसभा में हैं और माना जा रहा है कि कांग्रेस के 19 और वामपंथी पार्टियों के 16 विधायकों की मदद से फिर राज्यसभा पहुंच जाएंगे। नीतीश कुमार की पार्टी के बुजुर्ग नेता वशिष्ठ नारायण सिंह और अनिल हेगड़े रिटायर हो रहे हैं। नीतीश कुमार अपने कोटे की एकमात्र सीट से संजय झा को उच्च सदन में भेजेंगे।
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