भाजपा की केंद्र और राज्यों की सरकारें पलक झपकते ही समस्याओं को छूमंतर कर देती हैं। जैसे केंद्र सरकार ने एक दिन अचानक ऐलान कर दिया कि भारत खुले में शौच से मुक्त हो गया। हालांकि हकीकत यह है कि पूरे देश की बात छोड़िए राजधानी दिल्ली में हर दिन सुबह हजारों लोग खुले में शौच करते जाते दिखते हैं। यमुना
इसी तरह से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को कुछ कुछ साफ दिखने लगी है। उनको मुख्यमंत्री बने हुए तीन महीने नहीं हुए हैं और जो काम दशकों में नहीं हुआ वे उसका दावा करने लगीं। हालांकि दिल्ली के लोगों ने एकाध मशीनें चलने के अलावा सफाई का कुछ नहीं देखा है।
परंतु दिल्ली की मुख्यमंत्री का दावा है कि नालों की सफाई हुई है इसलिए यमुना साफ दिखने लगी है। यह बड़ी अद्भुत तकनीक है। एक तीर से दो शिकार हुआ। कहा गया कि नालों की सफाई हो गई और उसी से Yamuna भी कुछ कुछ साफ दिखने लगी।
Also Read: भारत रत्न भीमराव अंबेडकर के विचारों को सबको अपनाना चाहिए: चिराग पासवान
जब दिल्ली के नालों का यमुना में गिरना बंद नहीं कराया गया तो नालों की सफाई से Yamuna साफ कैसे हो जाएगी? सामान्य लॉजिक तो यह कहता है कि नालों के गंदा होने से जो गंदगी नालों से निकल कर सड़कों पर बहती थी वह अब सीधे यमुना में गिर रही है तो इससे यमुना साफ होगी या ज्यादा गंदी होगी? लेकिन मुख्यमंत्री ने कह दिया कि यमुना साफ हो रही है।
तभी यह चिंता भी हो रही है कि कहीं ऐसे ही किसी दिन यह ऐलान न कर दिया जाए कि यमुना साफ हो गई और जो इस पर सवाल उठाएं उनकों आंखों का इलाज कराने की नसीहत दी जाए!
Pic Credit: ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



