india us trade deal

  • भारत-अमेरिका की व्यापार संधि टली

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापार संधि टल गई है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध घोषित करने के बाद स्थितियां बदल गई हैं। हालांकि भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच संधि नहीं हुई थी इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कोई असर नहीं होगा। दोनों ने सिर्फ फ्रेमवर्क की बात की थी। जानकार सूत्रों का कहना है कि अब इस संधि तभी दस्तखत होगा, जब अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार कर लेगा। भारत और...

  • समझौते का क्या औचित्य?

    इस दौर में अमेरिका के साथ हुए हर समझौते के टिकाऊपन पर हमेशा राष्ट्रपति ट्रंप के मूड की तलवार लटकी रहती है। फिर अमेरिका के भीतर स्थितियां अस्थिर हैं। ट्रंप के कदमों पर वहां राजनीतिक आम सहमति नहीं है। अमेरिका ने अब भारत से सौर ऊर्जा से संबंधित पाट-पुर्जों के आयात पर 126 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इसे भारत के फूलते-फलते सौर उद्योग पर घातक प्रहार समझा गया है। डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने ये कदम उस समय उठाया, जब अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ वॉर के स्वरूप को लेकर अनिश्चय है। ट्रंप ने जिस कानून...

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एकतरफा

    नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता स्पष्ट रूप से एकतरफा है और आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता यह है कि केंद्र सरकार इसे स्थगित करने का साहस दिखाए क्योंकि यह देश भर के लाखों किसानों के लिए विनाशकारी होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह काफी असाधारण है कि अमेरिका ने भारत से कुछ भारतीय सौर उत्पादों के आयात पर 125.87 प्रतिशत शुल्क लगाया है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘यह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिबद्धता के बारे में क्या कहता है, जिसकी नयी दिल्ली...

  • दबाव में हुई डील: राहुल

    भोपाल। राहुल गांधी ने एक बार फिर दोहराया है कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता दबाव में किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि वे एपस्टीन फाइल और अडानी की वजह से दबाव में हैं और उसी दबाव में उन्होंने देश बेचने का सौदा किया। राहुल ने बहुत बहुत स्पेशिफिक आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिना कैबिनेट से सलाह किए, राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया और कहा कि वे सौदे के लिए तैयार हैं। राहुल ने मंत्रियों के नाम लेकर कहा कि राजनाथ सिंह और शिवराज सिंह चौहान से...

  • भारत-अमेरिका की व्यापार वार्ता टली

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 23 फरवरी से शुरू होने वाली व्यापार वार्ता टल गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए रेसिप्रोकल टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध बता कर रद्द किए जाने के बाद बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए यह वार्ता टाल दी गई है। अंतरिम व्यापार समझौते यानी आईटीए को लेकर 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच वार्ता होने वाली थी, जिसमें समझौते के कानूनी मसौदे पर विचार किया जाना था। यह बैठक 23 से 26 फरवरी तक वाशिंगटन में होने वाली थी। समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस...

  • संधि किसानों के गले का फंदा:कांग्रेस

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापार संधि का कांग्रेस ने एक बार फिर विरोध किया है। कांग्रेस ने इसे किसानों के गले का फंदा बताया है। अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए जाने वाले टैरिफ को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला किया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तारीफ करते रहते हैं, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं यह राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों के आधार पर कह रहा हूं’। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अगर समझौता होना...

  • अगर साहस हो तो

    नए हालात भारत को अवश्य ही नए व्यापार समझौते पर जोर देना चाहिए। उसे ये धारणा मजबूत नहीं होने देना चाहिए कि ट्रंप के पास कुछ ऐसे छिपे तीर हैं, जिनके भय से भारत सरकार उनकी हर शर्त मान रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ वॉर का पूरा संदर्भ बदल गया है। डॉनल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के तहत एकतरफा आयात शुल्क लगाए थे, लेकिन इस कानून के ऐसे उपयोग को कोर्ट ने अवैध ठहरा दिया। इस तरह ट्रंप के हाथ से वो हथियार निकल गया है, जिसका वे मनमाना दुरुपयोग कर...

  • बेख़ुदी बेसबब नहीं, कुछ तो है, जिस की पर्दादारी है

    नरेंद्र भाई मोदी को क्या पड़ी है कि वे ट्रंप की हर एक शर्त मान कर व्यापार समझौता करने पर तुले हुए हैं? क्या इस के पीछे कोई रहस्य है? क्या ट्रंप के यह कहने में कोई गहरा संदेश छिपा हुआ है कि प्रधानमंत्री मोदी मुझे स्नेह करते हैं, वे मेरे मित्र हैं और इसलिए मैं उन का राजनीतिक भविष्य चौपट नहीं करना चाहता हूं। आजकल सत्ता पक्ष भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार सौदे का झूम-झूम कर ज़श्न मना रहा है। एक ऐसे सौदे को वह अपनी बड़ी भारी उपलब्धि की तरह पेश कर रहा है, जिस की...

  • ट्रंप क्यों भारत को जलील कर रहे हैं?

    समझ में नहीं आने वाली बात है। भारत से ट्रंप का ऐसा क्या दुराव जो एक दिन वे भारत के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र कपड़ा उद्योग से आयात करने की उदारता दिखाते हैं और अगले दिन बांग्लादेश से वह व्यापार संधि करते हैं, जिससे भारत के कपड़ा उद्योग की जान निकल जाए! दक्षिण एशिया में भारत अपने आपको अमेरिका का पसंदीदा देश भी न कह सके और बांग्लादेश-पाकिस्तान खिलखिलाएं! भारत की व्यापार, विदेश कूटनीति का सबसे बड़ा झटका अमेरिका की बांग्लादेश से व्यापार संधि है। भारत सोच रहा था बांग्लादेश का पत्ता कटा। उसके वस्त्र उद्योग की जगह भारत के...

  • व्यापार सौदे का धारावाहिक

    भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया है या डेली सोप की तरह धारावाहिक शुरू किया है? हर दिन एक नया एपिसोड रिलीज हो रहा है। व्यापार सौदे की घोषणा के समय बताई गई बातों के अलावा डील की फ्रेमवर्क और फैक्टशीट के नाम पर तीन तरह के दस्तावेज लोगों के बीच उपलब्ध हैं। हर दिन चीजें बदल रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोज सौदे में नई चीज जोड़ रहे हैं या घटा रहे हैं। तभी सवाल है कि ये सारी चीजें एक बार तय करके ही सौदे की घोषणा क्यों नहीं की गई? ध्यान रहे अभी...

  • बाजार भी छीना

    डील के मुताबिक अमेरिका से आयातित कपास से जो वस्त्र बांग्लादेश में बनेगा, उस पर अमेरिका में शून्य आयात शुल्क लगेगा। इस तरह बांग्लादेश के उत्पादक अब भारतीय कपास के बजाय अमेरिकी कपास खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। भारत में सरकार समर्थक लोग अभी ये जश्न मना ही रहे हैं कि ट्रेड डील के बाद भारत के वस्त्र जैसे श्रम-केंद्रित उद्योगों के उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अनुकूल स्थितियां मिलेंगी, डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश को भारत के बड़े प्रतिस्पर्धी के रूप में खड़ा कर दिया है। अमेरिका से हुए ट्रेड डील के बाद बांग्लेदश के उत्पादों पर अब अमेरिका...

  • अमेरिका से सौदा कितना सच्चा है?

    भारत और अमेरिका के बीच दोपक्षीय व्यापार वार्ता चलती रहेगी लेकिन उससे पहले अंतरिम समझौते की घोषणा हो गई है। जिस दिन घोषणा हुई यानी समझौते का फ्रेमवर्क और साझा बयान जारी हुआ उसके अगले दिन, आठ फरवरी को पता नहीं अमेरिका के अखबारों में किसी भारतीय उत्पाद का विज्ञापन छपा या नहीं, लेकिन भारत की राजधानी दिल्ली में सभी बड़े अखबारों में पहले पन्ने पर पूरे पेज पर अमेरिकी मोटरसाइकिल हार्ले डेविडसन का विज्ञापन छपा। 125 सीसी की हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल की कीमत तीन लाख रुपए से कम बताई गई। ध्यान रहे यह कोई सामान्य मोटरसाइकिल नहीं है। यह...

  • ट्रंप की शर्तों पर

    ट्रंप अधिकतम वसूली करने और भारत की भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं को अपने अनुरूप ढालने की कोशिश की है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मोर्चों पर भारत के संप्रभु अधिकारों एवं भारतीय हितों की रक्षा करने में नरेंद्र मोदी सरकार विफल रही है। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर जारी साझा बयान इस संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट पर डॉनल्ड ट्रंप की पूर्व घोषणा के अनुरूप है। इसमें शामिल शर्तों के मद्देजनर यह भी कहा जा सकता है कि पूरा समझौता ट्रंप की शर्तों पर है। ह्वाइट हाउस से जारी साझा बयान के जब पहले ही पैराग्राफ में कहा...

  • ट्रंप के आगे आखिर क्यों ऐसा समर्पण?

    बात सिर्फ व्यापार समझौते भर की नहीं है। मुद्दा उससे कहीं बड़ा है। मार्क कार्नी ने दावोस में कहा था कि दुनिया में इस वक्त जो हो रहा है, वह साधारण संक्रमण (transition) नहीं, बल्कि ‘नियम आधारित’ दुनिया में rupture है। यानी अमेरिका केंद्रित एक ध्रुवीय विश्व व्यवस्था टूट-फूट गई है। तो अब चुनौती नई विश्व व्यवस्था को निर्मित करने और इसके लिए हो रहे प्रयासों के अनुरूप खुद को तैयार करने की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सार्वजनिक आरोप लगाया कि व्यापार वार्ता में ट्रंप प्रशासन की शर्तों के आगे भारत सरकार इसलिए झुक गई,...

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पक्का

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता पक्का हो गया है। दोनों देशों ने समझौते के पहले चरण का फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। इसके साथ ही भारत पर लगाया गया 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ हट गया है। दोनों देशों के बीच व्यापार के नए दौर की शुरुआत होगी, जिसमें भारत के सामानों पर अमेरिका में 18 फीसदी टैरिफ लगेगा। भारत में अमेरिका के ज्यादातर सामानों पर जीरो टैरिफ लगाने की सहमति बनी है। यह समझौता अभी अंतरिम है। इसे अंतरिम व्यापार समझौता यानी आईटीए नाम दिया गया है। बताया गया है कि भारत और अमेरिका के...

  • क्या ट्रंप की बनाई डील मोदी जानते हैं?

    लाख टके का सवाल है आज अमेरिका के साथ जिस व्यापार संधि की बात है उसका असल कौन जानता है? क्या कैबिनेट में विचार हुआ? मंत्रियों के समूह, सचिवों के समूह में विचार हुआ? सवाल यह भी है कि अकेले अमेरिका के राष्ट्रपति ने समझौते की घोषणा क्यों की? क्यों फिर एक घंटे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप का आभार जताया, पुष्टि की? साझा घोषणा क्यों नहीं हुई? याद करें इसी तरह ट्रंप ने एकतरफा तरीके से 10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान किया था। उसके आधे घंटे के बाद भारत की...

  • अमेरिका से व्यापार करार में भारत हित क्या?

    समझौते के मुताबिक अमेरिका बादाम, सोयाबीन तेल, कपास और डेयरी निर्यात बढ़ाएगा। डेयरी में, वर्तमान 60% टैरिफ कम होने से कीमतें 15% गिर सकती हैं, जिससे किसानों को 1.03 लाख करोड़ का वार्षिक नुकसान हो सकता है। आयात 25 मिलियन टन बढ़ सकता है, 1-2 गाय वाले छोटे किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अमूल जैसे कोऑपरेटिव भी प्रभावित होंगे। केंद्रीय बजट के बाद जिस तरह से सोने-चाँदी में भारी गिरावट दिखाई दी, उससे निवेशक अभी संभले भी नहीं थे कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा ने अटकलबाजी पैदा कर दी। सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड...

  • सौदे की ताक़त खोई, फिर भी कह रहे ‘जीत हमारी’ !

    नई दिल्ली आज जिस बदलाव को “ऐतिहासिक रीसेट” बता रही है, उसका असली मतलब सीमित है। अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ़ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति दी है। यह राहत है, लेकिन बहुत छोटी। खासकर तब, जब 2019 से पहले भारत को शून्य शुल्क का लाभ मिलता था। इतना ही नहीं भारत ने कई अहम क्षेत्रों में बाज़ार खोलने का वादा किया है—कृषि, चिकित्सा उपकरण, डिजिटल व्यापार और ऊर्जा। सतीश झा कभी भारत अपनी व्यापार कूटनीति को लेकर आत्मविश्वास से भरा दिखाई देता था। बड़ा घरेलू बाज़ार, विशाल जनसंख्या और बढ़ती विनिर्माण महत्वाकांक्षा—इन सबको भारत...

  • समझौते पर अगले हफ्ते जारी होगा साझा बयान

    नई दिल्ली। अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर दोनों देशों का साझा बयान अगले हफ्ते जारी हो सकता है। इस समझौते की जानकारी देने के एक दिन बाद गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच दोपक्षीय व्यापार संधि पर साझा बयान अगले चार से पांच दिनों में फाइनल हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यह समझौते का पहला ट्रांच यानी पहला अंश है। उन्होंने कहा कि लीगल टेक्स्ट मार्च के मध्य तक तैयार हो जाएगा। गुरुवार को संसद में मीडिया से बातचीत में इस समझौते के बारे...

  • अमेरिका से समझौता क्या जीत है?

    अमेरिका के साथ व्यापार संधि पर अभी दस्तखत नहीं हुए हैं। इसकी सिर्फ राजनीतिक घोषणा हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संधि का ऐलान किया, जिसकी पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उसके बाद अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रियर और कृषि मंत्री ब्रुक रॉलिंस ने संधि की कुछ बारीकियों की जानतारी दी, जिसे लेकर भारत में विरोध शुरू हो गया। इसके बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से समझौता नहीं किया गया है। क्या समझौता हुआ है यह मसौदा दस्तावेज सामने आने के बाद...

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