‘पठार’ से टकराया रिश्ता
संभवतः नरेंद्र मोदी सरकार के नीतिकार इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि तमाम रियायतें देने के बावजूद ट्रंप प्रशासन से न्यूनतम उम्मीदें पूरी करा पाना भी संभव नहीं है। और बात सिर्फ आर्थिक मोर्चे की नहीं है। वित्त मंत्री ने स्वीकार किया है कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की बातचीत ‘पठार’ पर पहुंच गई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि दोनों पक्ष अब ऐसे बिंदु पर हैं, जहां उनके लिए और रियायतें देना मुश्किल हो रहा है। म्यूनिख सिक्युरिटी कांफ्रेंस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने कहा कि अमेरिका ने टैरिफ को “हथियार” बना लिया है। इससे...