monsoon session

  • सिस्टम का लॉग-जाम

    संसदीय परंपरा के तहत निचले सदन में विपक्ष के नेता को ‘प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग’ कहा जाता है। इस रूप में कई राजनीति-शास्त्री इसे प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण पद बताते हैं। इस मान्यता के पीछे प्रमुख तर्क है कि नेता विपक्ष सरकार से असहमत पूरे जनमत की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। लोकतांत्रिक अपेक्षा यह है कि इन भावनाओं की भी कद्र की जाए। तो कहा जाता है कि पक्ष- विपक्ष दोनों लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था के अंग हैं। लेकिन यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेता विपक्ष सवाल पूछते हुए पत्र लिखें, और गृह मंत्री उसकी पावती भेजने की जरूरत...

  • संसद या सियासी अखाड़ा?

    विचारधारा, नीति, कार्यक्रम, चुनाव घोषणापत्र आदि का आज क्या औचित्य रह गया है? अगर ये राजनीति के प्रेरक तत्व ना रहें, तो फिर पहलवानी के अखाड़े और संसद के बीच क्या फर्क रह जाएगा? मानसून सत्र की शुरुआत के साथ संसद का नज़ारा कुछ बदला नजर आएगा। यह संभवतः पहला मौका है, जब बिना चुनाव हुए सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के संख्या बल में गुणात्मक बदलाव हुआ दिखेगा। बजट सत्र के बाद तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव) बड़ी टूट-फूट हो चुकी है, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) के रुख में बदलाव के संकेत मिले हैं। इससे बिना नया जनादेश आए...

  • संसद का मानसून सत्र आज से

    नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू होगा। उससे पहले रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुला कर संसद के सुचारू संचालन पर चर्चा की। संसद भवन की एनेक्सी बिल्डिंग में करीब 40 पार्टियों के नेताओं के साथ यह बैठक हुई, जो करीब तीन घंटे तक चली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। कांग्रेस, सपा, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस आदि पार्टियों के नेता बैठक में शामिल हुए। बैठक में विपक्ष ने इस बात का विरोध किया कि तृणमूल छोड़ने वाले 20 सांसदों को अलग गुट के तौर पर बैठक में क्यों बुलाया गया। इसके विरोध में...

  • सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक

    नई दिल्ली। सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के बारे में विचार किया जाएगा। एक तरफ विपक्ष पेपर लीक, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, एसआईआर, पार्टियों में तोड़ फोड़ आदि के मुद्दे उठाने की तैयारी में है तो सरकार संविधान संशोधन के कई अहम बिल लाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने इस बैठक में त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया यानी एनसीपीआई को...

  • सपा नेता भी संपर्क में हैं

    मानसून सत्र की तैयारियों के सिलसिले में भाजपा बहुत आक्रामक तरीके से लगी है। खबर है कि समाजवादी पार्टी के साथ भी भाजपा की बात हुई है। जानकार सूत्रों के मुताबिक मंगलवार की देर रात को सपा के कुछ नेताओं से केंद्र सरकार के मंत्रियों की बात हुई है। तीन बड़े मंत्रियों को इस काम में लगाए जाने की खबर है। करीब 20 दिन के विदेश दौरे के बाद लौटे राहुल गांधी को इस क्राइसिस की खबर है। लेकिन वे सपा से बात नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस के बड़े नेता दो दिन पहले तक कह रहे थे कि सपा...

  • दो तिहाई बहुमत का जुगाड़ कैसे होगा?

    संसद का मानसून सत्र इस महीने तीसरे हफ्ते शुरू होगा और महीना शुरू होते ही आंकड़ों का हिसाब किताब शुरू हो गया है। सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार दो तिहाई बहुमत से कितना पीछे है और उसे कैसे हासिल करेगी? हालांकि सवाल पूछने वाले सभी लोग भी पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि सरकार को इस बार कोई समस्या नहीं आएगी। यह भी कहा जा रहा है कि अप्रैल के विशेष सत्र में भले अमित शाह मात खा गए लेकिन इस बार उन्होंने पहले से बंदोबस्त शुरू कर दिए हैं। सो, आंकड़ों के हिसाब किताब में यही...

  • मानसून सत्र से बहुत कुछ बदलेगा

    संसद के मानसून सत्र से सरकार बहुत कुछ बदलने जा रही है। संसद के अंदर विपक्ष का स्वरूप बदलना शुरू हो गया है। सत्र के दौरान यह और बदला हुआ दिखाई देगा। लेकिन उससे ज्यादा बड़ा बदलाव देश की संसदीय व्यवस्था में होने वाला है। सरकार अगर 130वां संविधान संशोधन विधेयक और अप्रैल के विशेष सत्र में विफल हुए 131वें संशोधन विधेयक को पास करा लेती है तो बहुत कुछ बदल जाएगा। पिछली बार तो विपक्ष ने एकजुट होकर संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को रोक दिया था। लेकिन इस बार लग नहीं रहा है कि विपक्ष इसे रोक पाएगा।...

  • हंगामे के साथ ही मानसून सत्र समाप्त

    नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र इसी मुद्दे पर हंगामे के साथ खत्म हुआ। सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को विपक्षी पार्टियों ने एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा किया, जिससे  दोनों सदनों का कार्यवाही बाधित हुई। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था। एक महीने के इस सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं। लोकसभा में 120 घंटे चर्चा का समय तय था लेकिन सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। वहीं राज्यसभा में 41 घंटे चर्चा हुई। मानसून सत्र में विपक्षी पार्टियों के...

  • मानसून सत्र में हंगामा जारी रहा

    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन गुरुवार को भी दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा। विपक्षी पार्टियों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। विपक्ष के सांसदों के सदन के अंदर हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन नहीं सकी। विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में भी प्रदर्शन किया। एसआईआरर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा व राज्यसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा में गुरुवार...

  • मानसून सत्र में एनडीए सांसदों की पहली बैठक

    नई दिल्ली। मानसून सत्र में पहली बार मंगलवार को एनडीए के संसदीय दल की बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शामिल हुए। पहलगाम कांड के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के लिए एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान किया। सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने मोदी को माला पहना कर उनका स्वागत किया। इस दौरान सांसद ‘भारत माता की जय’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाते रहे। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लगाई गई सुप्रीम कोर्ट की फटकार को लेकर कहा कि इससे बड़ी...

  • एसआईआर पर संसद में हंगामा जारी

    नई दिल्ली। बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर संसद में हंगामा जारी है। मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को लोकसभा में एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने जम कर हंगामा किया। हंगामे की वजह से कई बार कार्यवाही स्थगित हुई। कई बार के स्थगन के बाद सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। उधर राज्यसभा में सोमवार को कामकाज नहीं हुआ। उच्च सदन के सदस्य और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन की वजह से सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए...

  • सदन में सरकार ने कमांडो उतारे

    नई दिल्ली। राज्यसभा के माननीय सांसदों को काबू में करने के लिए सरकार ने शुक्रवार को सदन के अंदर कमांडो उतार दिए। ऐसा पहली बार हुआ कि राज्यसभा के वेल में जाकर नारेबाजी कर रहे सांसदों को ऐसा करने से रोकने और वहां से हटाने के लिए बाहर से सुरक्षाकर्मी बुलाए। महिला सांसदों को भी पुरुष सुरक्षाकर्मियों ने रोका। कांग्रेस पार्टी ने इसकी आधिकारिक रूप से शिकायत की है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उप सभापति हरिवंश को चिट्ठी लिख कर इस घटना की शिकायत की है।   गौरतलब है कि राज्यसभा में विपक्ष...

  • झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सदन को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की आदर्श परंपराओं के निर्वाह, सदन में रचनात्मक संवाद और सहभागिता की अहमियत पर बल दिया। उन्होंने कहा आम जन की आकांक्षाओं की पूर्ति ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लोकतंत्र तभी सफल होता है, जब हम सभी अपने दायित्वों का समर्पण के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि संवाद, सहमति और सहभागिता से ही सदन जनता की अपेक्षाओं का प्रतीक बनता है। महतो ने कहा लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है, बल्कि अल्पमत का सम्मान...

  • टैरिफ और एसआईआर पर संसद ठप्प

    नई दिल्ली। पहलगाम कांड और ऑपरेशन सिंदूर पर संसद के दोनों सदनों में तीन दिन की चर्चा के बाद एक बार फिर हंगामा और स्थगन लौट आया है। गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ और बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मसले पर जम कर हंगामा हुआ। हंगामे की वजह से दोनों सदनों में कामकाज नहीं हो सका। लोकसभा और राज्यसभा दोनों कई बार स्थगित होने के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिए गए। गौरतलब है कि...

  • झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र कल से

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू हो रहा है। सत्र को सुचारु और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने गुरुवार को विधानसभा में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने की। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत सभी प्रमुख दलों के नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विधानसभा लोकतंत्र...

  • बहस तो अधूरी ही रह गई

    संसद के मानसून सत्र का इंतजार सबको था। इंतजार इसलिए था क्योंकि सरकार ने पहलगाम कांड और ऑपेरशन सिंदूर के बाद विशेष सत्र बुलाने की विपक्ष की अपील पर ध्यान नहीं दिया था। संसद में खड़े होकर विपक्ष को जवाब देने और देश के नागरिकों को इसकी सचाई बताने की बजाय सरकार दुनिया भर के देशों में डेलिगेशन भेज कर उनके सामने अपना पक्ष रख रही थी। तभी जब मानसून सत्र की शुरुआत हुई और यह तय हुआ कि दूसरे हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार, 28 जुलाई को पहलगाम कांड व ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू होगी तो उम्मीद...

  • संसद में शांति कितने दिन रहेगी?

    संसद के मानसून सत्र में सोमवार, 28 जुलाई से शांति बहाल होने और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की संभावना है। मानसून सत्र के पहले हफ्ते के आखिरी कामकाजी दिन यानी शुक्रवार, 25 जुलाई को स्पीकर ओम बिरला की बुलाई सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों के नेता इस बात पर सहमत हुए कि सोमवार से कार्यवारी सुचारू रूप से चलेगी। लेकिन सवाल है कि कितने दिन तक यह शांति समझौता चलेगा और क्या आगे पूरा सत्र शांति के साथ चल पाएगा? कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के जानकार नेताओं का कहना है कि यह युद्धविराम अस्थायी है और दो दिन...

  • इस सप्ताह संसद में गतिरोध की जगह टकराव?

    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ गया था, लेकिन सोमवार से स्थिति बदल सकती है। पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर अब दोनों सदनों में तीखी बहस का विषय बनेंगे। सत्तारूढ़ राजग (NDA) और विपक्ष आमने-सामने होंगे। विपक्ष सरकार को दो मुद्दों पर घेरना चाहता है — पहला, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में खुफिया विफलता का आरोप और दूसरा, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का हवाला जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मध्यस्थता की बात कही थी। राहुल गांधी सरकार की विदेश नीति पर...

  • सिर्फ गिरधारी यादव ही नाराज नहीं हैं

    बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल यू के सांसद गिरधारी यादव ने संसद में खड़े होकर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला किया। उन्होंने बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का विरोध किया और कहा कि चुनाव आयोग को बिहार के इतिहास, भूगोल के बारे में कुछ भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए कम से कम एक साल का समय देना चाहिए था। असल में गिरधारी यादव का बेटा बाहर है और वह मतगणना प्रपत्र नहीं भर पा रहा है। कहा जा रहा है कि वे इस...

  • चौथे दिन भी नहीं चली संसद

    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन यानी गुरुवार को भी कामकाज नहीं हुई। संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा और जल्दी ही दोनों सदन शुक्रवार, 25 जुलाई के लिए स्थगित कर दिए गए। पहले तीन दिन भी विपक्षी पार्टियां बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ हंगामा करती रहीं। गुरुवार की सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद मतदाता सूची के पुनरीक्षण मामले पर हंगामा करने लगे। कांग्रेस सहित कई विपक्षी सांसदों ने वेल में जाकर पोस्टर लहराए। स्पीकर ओम बिरला ने इस पर सांसदों से...

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