एक थीं ममता और एक हैं राहुल
राहुल गांधी के फ़राख़-दिल मिज़ाज की बलैयां लेने का मन कर रहा है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में राहुल कह रहे थे कि ममता बनर्जी के पिछले पांच बरस का राजकाज एकदम चैपट था, क़ानून-व्यवस्था चरम बदहाली का शिखर छू रही थी और उन्हीं की वज़ह से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अपनी जड़ें इतनी गहराई तक जमाने का मौक़ा मिला। मगर जैसे ही तृणमूल कांग्रेस चारों खाने चित्त हुई और ममता ख़ुद भी अपना चुनाव हार गईं तो राहुल पूरे दमखम से यह कहते हुए उन की हिमायत में उतर आए कि बंगाल के नतीजे निर्वाचन आयोग के...