क्षत्रपों से नही जीत पाते मोदी!

हो सकता है कि इसके कुछ अपवाद हों लेकिन यह तथ्य है कि विधानसभा चुनावों में प्रादेशिक क्षत्रपों के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता काम नहीं आती है। उनके नेतृत्व में लड़ कर भाजपा ने बड़े चुनाव जीते हैं लेकिन ज्यादातर चुनाव कांग्रेस शासित राज्यों में ही पार्टी जीत पाई है। कुछ अपवादों को… Continue reading क्षत्रपों से नही जीत पाते मोदी!

संघीय ढांचे के लिए चुनौती

राजीव गांधी के सत्ता से बाहर होने के बाद केंद्र में गठबंधन की राजनीति का जो दौर शुरू हुआ था उस दौर में देश की संघीय व्यवस्था सबसे बेहतर ढंग से चली। कमजोर केंद्र की वजह से राज्यों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिला। गठबंधन की मजबूरी में केंद्र सरकारों ने राज्यों… Continue reading संघीय ढांचे के लिए चुनौती

असम चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियां निभा सकती हैं अहम भूमिका

असम में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए, राज्य की क्षेत्रीय पार्टियां बहुपक्षीय लड़ाई और पारंपरिक द्विध्रुवी राजनीति की संभावनाओं को कम करने के लिए खुद को मजबूत कर रही हैं।

दक्षिण के क्षत्रपों का भाजपा प्रेम!

दक्षिण भारत के कई क्षत्रप भाजपा की बढ़ती ताकत से घबराए हुए हैं। हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन इस लिहाज से दक्षिण भारत की राजनीति में मील का पत्थर साबित हो सकता है

गठबंधन ऐसे ही चलता है!

अकाली दल को शिकायत है कि भाजपा अब पहले वाली भाजपा नहीं रह गई है। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के समय सहयोगी पार्टियों को जैसा सम्मान मिलता था, वैसा सम्मान अब नहीं मिलता है।

भाजपा पर भारी पड़े क्षेत्रीय दल

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को 2014 के लोकसभा चुनाव में मिली अभूतपूर्व सफलता तथा उसके बाद राज्यों में एक के बाद एक उसकी जीत से देश में दो दलीय व्यवस्था कायम होने के कयास लगने शुरु हो गये थे

कश्मीर में हड़ताल के कारण जनजीवन प्रभावित

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 और 35 ए को समाप्त और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के विरोध में घाटी में जारी हड़ताल के बीच मंगलवार की सुबह चंद घंटों की सामान्य स्थिति बहाल होने के बाद फिर से सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।