टीएमसी नेताओं पर भाजपा की दुविधा
ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दुविधा में है। वैसे तो उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसदों को भी भाजपा ने सीधे अपने साथ लेने की बजाय एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल कराया। लेकिन वहां का मामला अलग है। पश्चिम बंगाल में मामला दूसरा है। भाजपा नहीं चाहती है कि ममता बनर्जी के बहुत करीब रहे नेताओं को सीधे भाजपा में शामिल कराया जाए। इससे जनता के बीच धारणा बदलने का खतरा है। तभी उनकी पार्टी के 28 में से 20 सांसदों को सीधे भाजपा में लेकर अपना बहुमत बनाने की...