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छात्र असंतोष पर सियासत?

किसी आंदोलन में विपक्ष की घुसपैठ असामान्य नहीं है। विपक्ष के अपने सियासी स्वार्थ होते हैं। दरअसल, यह सुनिश्चित करना आंदोलन नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि उसके एजेंडे को कोई और अगवा ना कर ले जाए।

छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन अन्य सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया, जबकि पहले ही इस्तीफा दे चुके इसके अध्यक्ष को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार छात्रों आंदोलन के दबाव में तीन प्रमुख परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई, जिनमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, जेपीएससी बैकलॉग-2023 और जेपीएससी बैकलॉग-2025 शामिल हैं। छात्रों की मांग जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने की है, लेकिन इसमें राज्य सरकार ने यह कहते हुए असमर्थता जताई है कि यह इम्तहान सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुआ था। बहरहाल, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार आंदोलनकारियों की इस मांग को मानने से इनकार कर रही है कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। इसके बदले वह सीआईडी से जांच शुरू करवा चुकी है और धन के लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देने के लिए तैयार होने के संकेत दिए हैँ। इस तरह राज्य सरकार का ये दावा काफी हद तक सही लगता है कि वह आंदोलनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान चुकी है। फिर भी आंदोलनकारी विधानसभा के घेराव पर अडिग रहे।

मुख्यमंत्री का आरोप है कि छात्रों के “वाजिब आंदोलन” में विपक्षी दलों ने घुसपैठ कर ली है, जिनके प्रभाव में आकर प्रदर्शनकारियों ने सख्त नजरिया अपना रखा है। वैसे, सरकार विरोधी किसी आंदोलन में विपक्ष की घुसपैठ असामान्य बात नहीं है। विपक्ष के अपने सियासी स्वार्थ होते हैं। दरअसल, यह सुनिश्चित करना आंदोलन नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि उसके एजेंडे को कोई और अगवा ना कर ले जाए। सीबीआई जांच के बारे में राज्य सरकार की आशंकाओं को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता। सीबीआई की छवि स्वविवेक से कार्य करने वाली जांच एजेंसी की नहीं रह गई है। उसके सियासी इस्तेमाल के ठोस आरोप हैं। अतः झारखंड के छात्रों से अपेक्षा है कि वे आंदोलन को अपने हितो-साधन का माध्यम ही रखें। विधानसभा घेराव के दौरान लाठी चार्ज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद आंदोलन का मकसद अधिक स्पष्ट करना अनिवार्य हो गया है।

By NI Editorial

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