बॉलीवुड अभिनेत्री सैयामी खेर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 10 साल पूरे कर लिये हैं। वर्ष 2016 में राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म ‘मिर्ज़्या’ से हर्षवर्धन कपूर के साथ अभिनय की शुरुआत करने वाली सैयामी ने इस खास मौके पर अपने अब तक के सफर, संघर्ष, सीख और अनुभवों को याद किया।
सैयामी ने सोशल मीडिया पर अपने सफर से जुड़े अनुभव साझा करते हुए बताया कि नासिक की एक शांत और शर्मीली लड़की से लेकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने तक का सफर उनके लिये बेहद खास रहा है। उन्होंने कहा कि इन 10 वर्षों में उनकी फिल्मों के साथ-साथ उन्हें मिले लोगों, अनुभवों और सीख ने भी उनके व्यक्तित्व और करियर को गहराई से प्रभावित किया।
उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले ही कई लोगों ने उन्हें यह कहकर हतोत्साहित किया कि उनमें अभिनेत्री बनने की क्षमता नहीं है। उन्हें ‘गांव की लड़की’ तक कहा गया और बिना मांगी सलाह दी गई कि इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिये किसी अभिनेता या निर्देशक को डेट करें अथवा कॉस्मेटिक सर्जरी करवाएं। हालांकि, अपने माता-पिता और परवरिश से मिले आत्मविश्वास के कारण उन्होंने इन बातों को गंभीरता से लेने के बजाय उनमें भी हास्य तलाशना सीखा।
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सैयामी के करियर में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब आदूर मुखर्जी ने उन्हें फोन कर बताया कि निर्देशक दिलीप शंकर उनका ऑडिशन लेंगे। इसके बाद उन्होंने दिलीप शंकर और अभिनेता आदिल हुसैन के साथ करीब तीन महीने तक वर्कशॉप की। उन्होंने कहा कि इन वर्कशॉप ने उन्हें खुद को स्वीकार करने, अपने काम में ईमानदारी रखने और अपनी पहचान पर भरोसा करना सिखाया।
इसके छह महीने बाद सैयामी को राकेश ओमप्रकाश मेहरा की ‘मिर्ज़्या’ में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने राकेश ओमप्रकाश मेहरा और उनकी पत्नी भारती के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह अपनाया। राकेश मेहरा ने उन्हें खुद बने रहने की स्वतंत्रता दी और अभिनय से प्रेम करना सिखाया।
सैयामी ने कहा कि ‘मिर्ज़्या’ उनके लिये केवल एक फिल्म नहीं थी, बल्कि इस दौरान उन्हें ऐसी दोस्तियां भी मिलीं, जो 10 साल बाद भी उनके साथ हैं। इसी फिल्म के दौरान उन्हें गीतकार एवं लेखक गुलज़ार के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने गुलज़ार को ज्ञान और समझ का ‘समंदर’ बताते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में उन्होंने उन्हें शब्दों से कहीं अधिक दिया है।
अपने सफर में परिवार और दोस्तों की भूमिका को याद करते हुए सैयामी ने कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें जमीन से जोड़े रखा और याद दिलाया कि फिल्मों, कैमरे और शोहरत की दुनिया से बाहर भी जिंदगी है।
सैयामी ने कहा पहली बार फिल्म के सेट पर कदम रखे हुए 10 साल हो गए हैं। ये 10 साल मेरी जिंदगी के सबसे बड़े बदलाव लाने वाले अनुभवों से भरे रहे हैं। आज भी मुझे वही जुनून, थोड़ी घबराहट और उत्साह महसूस होता है, जो शूटिंग के पहले दिन महसूस हुआ था। उन्होंने कहा कि बतौर अभिनेत्री अभी उनका सफर लंबा है और उन्हें बहुत कुछ सीखना और तलाशना बाकी है। वह कैमरे के सामने और उसके बाहर खुद को लगातार चुनौती देती रहना चाहती हैं।
सैयामी ने अपने 10 वर्ष के सफर को याद करते हुए कहा कि वह आने वाले वर्षों में भी अच्छी कहानियों, अच्छे लोगों, अच्छे काम और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश जारी रखेंगी। सैयामी ने कहा मैं खुद को बहुत भाग्यशाली और शुक्रगुजार मानती हूं कि मुझे इतनी अच्छी कहानियों का हिस्सा बनने और इतने अच्छे लोगों से मिलने का मौका मिला। आने वाले सफर के नाम, अगले 10 सालों के नाम।
Pic Credit : UNI
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