श्रीनगर। कांग्रेस पार्टी और फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस मिल कर जम्मू कश्मीर विधानसभा का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के श्रीनगर दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को दोनों पार्टियों में साथ लड़ने पर सहमति बन गई। हालांकि देर शाम तक सीट बंटवारे को लेकर फैसला नहीं हो सका था। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने कश्मीर घाटी की 47 में से 12 सीटें देने की मांग की है, जिस पर अब्दुल्ला पिता पुत्र तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर राहुल गांधी ने भी साफ कर दिया है कि तालमेल हो गया है लेकिन कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावना का ख्याल रखेगी।
बहरहाल, गुरुवार को खड़गे और राहुल गांधी ने फारूक और उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और गठबंधन के बारे में बात की। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने तालमेल का ऐलान किया। उन्होंने कहा- राज्य की सभी 90 सीटों पर दोनों पार्टियां एक साथ चुनाव लड़ेंगी। सीटों को आज रात तक फाइनल कर लिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि हम फिर से सत्ता में आएंगे। हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा का चुनाव तीन चरण में 18 व 25 सितंबर और एक अक्टूबर को होंगे। पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इससे पहले राहुल गांधी ने श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा- जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व करना और इसे वापस राज्य का दर्जा दिलाना सबसे जरूरी है। यहां से मेरा खून का रिश्ता है। ऐसे में उम्मीद है कि चुनाव में लोग हमारा साथ जरूर देंगे। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाना बनाया और कहा- लोकसभा चुनाव में हमने पीएम मोदी का कॉन्फिडेंस तोड़ दिया है। अब उनकी छाती 56 इंच की नहीं रही। वे कंधे झुकाकर चलते हैं। गठबंधन के बारे में उन्होंने कहा- जम्मू कश्मीर चुनाव में गठबंधन तभी होगा जब कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को इज्जत मिलेगी।
राहुल ने मोदी और भाजपा पर हमला करते हुए कहा- आपने देखा है चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन ने मोदी और उनकी पार्टी को खत्म कर दिया है। आपने देखा होगा पहले जो मोदी जी चौड़ी छाती करके आते थे वैसे अब नहीं आते हैं। उनको मैंने नहीं, मोहब्बत और एकता ने हराया। उनके सेल्फ कॉन्फिडेंस को हमने तोड़ दिया है। उन्होंने कहा- हमें नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान खोलनी है। नफरत की काट नफरत से नहीं हो सकती है, मोहब्ब्त से हो सकती है। हम नफरत को मोहब्बत से हराएंगे। गौरतलब है कि राहुल गांधी जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ साथ पीडीपी से भी तालमेल की संभावना तलाश रहे थे।
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