श्रीनगर। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को विधायक दल का नेता चुना गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए चुने गए विधायकों की गुरुवार, 10 अक्टूबर को बैठक हुई, जिसमें पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को नेता चुना गया। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के तीन नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करेगा और सरकार गठन का दावा पेश करेगा।
बताया जा रहा है कि विजयादशमी के बाद 13 या 14 अक्टूबर को शपथ ग्रहण समारोह होने की उम्मीद है। यह भी कहा जा रहा है कि राज्य सरकार में कोई उप मुख्यमंत्री नहीं होगा। नेशनल कांफ्रेंस के साथ मिलकर चुनाव लड़ी कांग्रेस को डिप्टी स्पीकर का पद मिल सकता है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से डूरू सीट से विधायक गुलाम अहमद मीर या प्रदेश अध्यक्ष और सेंट्रल शाल्टेंग के विधायक तारिक हामिद कर्रा में किसी एक को कैबिनेट मंत्री का पद मिल सकता है।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ने 49 सीटों पर जीत दर्ज की। गठबंधन में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस को सबसे ज्यादा 42, कांग्रेस को छह और सीपीएम को एक सीट मिली। बहुमत का आंकड़ा 46 का है। हालांकि पांच सदस्यों के मनोनयन के बाद बहुमत का आंकड़ा बढ़ कर 48 का हो जाएगा। बहरहाल, इस बार चुनाव में जीते सात निर्दलीय विधायकों में से चार ने गुरुवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने का ऐलान किया।
जिन चार निर्दलीय विधायकों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन दिया उनमें इंदरवल से प्यारे लाल शर्मा, छम्ब से सतीश शर्मा, सूरनकोट से मोहम्मद अकरम और बनी सीट से डॉ. रामेश्वर सिंह शामिल हैं। इन विधायकों के समर्थन के उमर अब्दुल्ला ने कहा- अब हमारी संख्या बढ़कर 46 हो गई है। गौरतलब है कि आठ अक्टूबर को आए जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने 29 सीटें जीती। पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले 4 सीटों का फायदा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने तीन सीटें जीती हैं। पिछले चुनाव में उनकी पार्टी को 28 सीटें मिली थीं।
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