नई दिल्ली। भारत के ध्वज वाले एक तेल के टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया भारतीय टैंकर ने इस तनाव ग्रस्त जलमार्ग को ऐसे समय पार किया है, जब दो अन्य भारतीय जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था और भारत ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता को ईरान के साथ साझा किया था। पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर सरकार द्वारा दी गई अद्यतन जानकारी के मुताबिक, कच्चे तेल से भरा टैंकर देश गरिमा 18 अप्रैल को रणनीतिक जलमार्ग को पार कर गया और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार थे।
भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) का टैंकर मार्च की शुरुआत से जलडमरूमध्य को पार करने वाला 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है। इससे पहले तेल टैंकर समनार हेराड और बल्क कैरियर जग अर्नव ने पिछले 24 घंटों में जलडमरूमध्य से गुजरते समय गोलीबारी की सूचना दी और फारस की खाड़ी में वापस लौट आए। हालांकि, इस गोलीबारी की घटना में चालक दल के किसी सदस्य के घायल होने की खबर नहीं है। समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले पोर्टल ‘मरीनट्रैफिक’ के मुताबिक, तेल टैंकर देश वैभव और देश विभोर ने भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास अपना मार्ग बदल लिया, जिससे फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है। भारत के विदेश सचिव ने घटना पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करने के लिए नयी दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया और वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया।


