नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में संविधान पर दो दिन की चर्चा शुरू हुई। पहले दिन सरकार की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा की शुरुआत की तो विपक्ष की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जवाब दिया। निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर वंशवाद के आरोप लगाए और कहा कि एक परिवार के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन किए गए। इसके जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आरएसएस को संविधान और तिरंगे से नफरत थी।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा- कांग्रेस पार्टी परिवार और वंशवाद की मदद करने के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही। ये सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा के लिए किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी के किस्से बताने वाली फिल्मों पर रोक लगाए गए। नेहरू की जीवनी पर पाबंदी लगाई गई। आजादी के बाद बड़े फिल्मी सितारे गिरफ्तार हुए क्योंकि उन्होंने नेहरू की आलोचना की थी। वित्त मंत्री ने इमरजेंसी की याद दिलाते हुए इंदिरा गांधी पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि उस समय विपक्ष के अनेक नेताओं को जेल में डाला गया। उन्होंने कांग्रेस पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का आरोप लगाया।
विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए खड़गे ने भाजपा और आरएसएस पर हमला किया और कहा- जो लोग तिरंगे, अशोक चक्र और संविधान से नफरत करते थे, वे आज शिक्षा दे रहे हैं। जब संविधान बना, तो इन लोगों ने इसे जला दिया था। खड़गे ने कहा- जिस दिन संविधान अपनाया गया था, इन्होंने रामलीला मैदान दिल्ली में बाबासाहेब अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी के पुतले जलाए थे। आरएसएस के नेता संविधान का विरोध इसलिए करते हैं क्योंकि यह मनुस्मृति पर आधारित नहीं है।
खड़गे ने निर्मला सीतारमण को निशाना बनाते हुए कहा- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट हैं। मैंने म्यूनिसिपल स्कूल से पढ़ाई की है, लेकिन संविधान हमने भी थोड़ा बहुत पढ़ा है। निर्मला जी की अंग्रेजी और हिंदी अच्छी होगी, लेकिन उनके कर्म अच्छे नहीं हैं। खड़गे ने आगे कहा- जब कई शक्तिशाली देशों में सभी एडल्ट को वोट देने का अधिकार नहीं था, महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, उस समय भारत ने सभी को मताधिकार दिया, महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया। यह कांग्रेस, संविधान द्वारा दिया गया था। आरएसएस, जनसंघ ने इसका विरोध किया था।
मोदी को निशाना बनाते हुए खड़गे ने कहा- पीएम हमेशा अतीत में रहते हैं, बेहतर होता वो बता देते कि 11 साल में ऐसा कौन सा काम किया है कि हमारा लोकतंत्र मजबूत हुआ। अगर लैंड रिफॉर्म नहीं आता, नरेगा नहीं आता तो आज गरीब मरता। कोविड में आश्रय मनरेगा से मिला। आप भाषण तो करते हो, उससे निकलता कुछ नहीं है।
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Image Source: ANI

