नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने सोमवार को संसद भवन तक मार्च किया तो मंगलवार को कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गई। नीट पेपर लीक और अन्य मसलों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थीं। बाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इसमें शामिल होने पहुंचे और राजद व शरद पवार की एनसीपी के नेता भी इसमें शामिल हुए।
शाम साढ़े छह बजे पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अखिलेश सहित सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भर कर अलग अलग थानों में ले गई। प्रियंका को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया तो राहुल गांधी को मॉडल टाउन के पास छत्रसाल स्टेडियम में में रखा गया। देर शाम कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी खुद मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं, जहां प्रियंका और कई अन्य नेताओं को रखा गया था। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मोदी जी हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई न रूकेगी’। इसके साथ उन्होंने हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें भी साझा की हैं।
बहरहाल, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को फ्लैश प्रोटेस्ट का नाम दिया यानी अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि इसकी तैयारी पहले से थी। मंगलवार को कांग्रेस अधय्क्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्मदिन था। हालांकि उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की वजह से जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया। परंतु दोपहर बाद तीन बजे के करीब राहुल और प्रियंका उनके आवास 10, राजाजी मार्ग पहुंचे। वही से अचानक सारे नेता पैदल ही प्रधानमंत्री आवास की ओर चल पड़े और सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील जोन यानी प्रधानमंत्री आवास के एक सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने उनको रोका। केरल के सीएम वीडी सतीशन और कर्नाटक के डीके शिवकुमार भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता वहां करीब तीन घंटे तक बैठे रहे और बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस उनको वहां से लेकर गई। इस बीच सरकार ने राहुल से दो बार बातचीत की। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राहुल से बात की और उसके बाद वे अमित शाह से मिलने गए। शाह से मिलने के बाद वे फिर राहुल से मिले लेकिन दोनों की बातचीत का नतीजा नहीं निकला। जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल ने पहले कहा था कि नीट यूजी के मसले पर सरकार संसद में चर्चा कराने को तैयार हो तो वे धरना खत्म कर देंगे। लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो तभी चर्चा होगी।
बहरहाल, प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री आवास से हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। प्रियंका काफी देर तक बस का गेट पकड़ कर खतरनाक तरीके से लटकी रहीं। बाद में उन्होंने मीडिया से कहा कि कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा क्योंकि यह देश के बच्चों का मामला है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कांग्रेस ने जितेंद्र सिंह से बातचीत में दो बार अपनी मांग बदली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की शुरू से मांग रही है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इसी तरह राहुल गांधी को धरने से हटाना भी मुश्किल काम था क्योंकि वे जमीन पर लेट गए थे। पुलिस के कई जवानों ने उनके हाथ, पैर पकड़ कर उठाए। इस दौरान उनको चोट लगने की खबर है। उनकी नाक से खून निकलने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं।
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