नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी चुनाव आयोग पर हमला जारी रखा। उन्होंने चुनाव आयोग को चेतावानी देते हुए कहा कि वे आयोग को छोड़ेंगे नहीं। वे सौ फीसदी सबूत के साथ आ रहे हैं। राहुल ने बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध के साथ साथ यह भी आरोप लगाया है कि कर्नाटक में भी चुनाव आयोग ने गड़बड़ी की है।
राहुल ने गुरुवार को संसद के बाहर कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर कर्नाटक में हजारों फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए। राहुल ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने कर्नाटक की एक सीट पर धोखाधड़ी कराई। हमारे पास इसके सौ फीसदी सबूत हैं। एक ही निर्वाचन क्षेत्र में 50, 60 और 65 साल के हजारों नए वोटरों को सूची में जोड़ा गया है और 18 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों को सूची से हटा दिया गया है’।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें अभी एक सीट की जांच में यह गड़बड़ी मिली। मुझे पूरा यकीन है कि हर सीट पर यही नाटक चल रहा है। मैं चुनाव आयोग को एक मैसेज देना चाहता हूं। अगर आपको लगता है कि आप इससे बच निकलेंगे, अगर आपके अधिकारी सोचते हैं कि वे बच जाएंगे, तो ये आपकी गलतफहमी है। हम आपको बच के जाने नहीं देंगे’। गौरतलब है कि राहुल गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मैच फिक्सिंग के जरिए भाजपा को जिताने का आरोप लगाते रहे हैं।
दूसरी ओर राहुल के आरोपों पर सूत्रों के हवाले से चुनाव आयोग का पक्ष आया। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा है, ‘अगर इस मामले में चुनाव याचिका दायर की गई है, तो इस पर हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। अगर, याचिका नहीं लगाई गई है, तो निराधार आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं’? चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विरोध कर रहे लोगों से पूछा कि क्या मृत और प्रवासी मतदाताओं के नाम पर फर्जी वोट डालने की अनुमति देनी चाहिए? चुनाव आयोग ने पूछा, ‘पुनरीक्षण प्रक्रिया का मकसद सिर्फ अयोग्य मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाना है। क्या चुनाव आयोग के पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से तैयार की जा रही प्रामाणिक मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला नहीं है’?


