जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ तो अलग अलग पर्यटक स्थलों पर देश के सभी राज्यों के लोग फंसे थे। सभी राज्यों ने अपने लोगों को वहां से निकालने के उपाय शुरू किए। इस बीच आपदा में अवसर बनाने के लिए तैयार बैठे रहने वाली विमानन कंपनियों ने हवाई जहाज का किराया पांच गुना बढ़ा दिया। 50-50 हजार रुपए में टिकट बेचने लगे। सरकार अपील करती रही लेकिन किसी विमानन कंपनी ने अपील पर ध्यान नहीं दिया। उनको पता था कि दो चार दिन का बाजार है, जितना लूट सकते हैं उतना लूट लेना चाहिए। तभी राज्यों ने अपने स्तर से प्रयास शुरू किए। महाराष्ट्रर की सरकार भी आगे आई और उसने कई विशेष विमान भेज कर अपने लोगों को वहां से निकाला।
लेकिन इसका श्रेय लेने की जंग ऐसी छिड़ी कि पर्यटकों को वापस लाने की सकारात्मक खबर पर लड़ाई की खबर हावी हो गए। राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद कश्मीर पहुंच गए थे लोगों को लाने। उनकी पार्टी ने शिंदे को श्रेय दिया और पर्यटकों को लेकर लौटने का उनका वीडियो भी जारी किया। दूसरी ओर सरकार के मंत्री गिरीश महाजन जहाज लेकर गए और उन्होंने वीडिया कॉल पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से बात की। भाजपा ने इस वीडियो कॉल पर हो रही बातचीत का वीडियो जारी किया। जब श्रेय लेने की लड़ाई बढ़ी तो उसके एक दिन बाद कहा गया कि शिंदे अपनी पार्टी की तरफ से लोगों को लाने गए थे, जबकि महाजन सरकार की ओर से मराठी लोगों को निकालने गए थे।
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