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तीसरे चरण की 9 सीटों पर निगाहें

मतदान

भोपाल। प्रदेश में आज तीसरे चरण में नो लोकसभा सीटों पर मतदान होगा जिसमें दिग्गज नेताओं के चुनाव क्षेत्र भी शामिल है तो पूर्व मुख्यमंत्री एक केंद्रीय मंत्री सांसद विधायक पूर्व मंत्री की किस्मत का फैसला भी आज ईवीएम में बंद होगा कहीं चेहरे कहीं राष्ट्रीय मुद्दे तो कहीं जातीय समीकरण हार जीत का समीकरण गड़बड़ा सकते हैं।

दरअसल आज प्रदेश की मुरैना भिंड ग्वालियर गुना सागर विदिशा भोपाल राजगढ़ और बैतूल लोकसभा क्षेत्र में मतदान हो रहा है इनमें विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुना शिवपुरी से पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सागर से महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ लता वानखेड़े भिंड से बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विधायक फूल सिंह बरैया जैसे दिग्गजों की भी किस्मत का आज फैसला हो जाएगा प्रथम दो चरणों में 2019 की अपेक्षा कम मतदान होने के बाद राजनीतिक दल चुनाव आयोग और प्रशासन मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है प्रथम महिला वोटर और प्रथम बार वोट डालने वाले युवा और युवती के लिए इनाम रखे गए हैं जिससे कि सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड लग सके।

बहरहाल प्रदेश में सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले शिवराज सिंह चौहान विदिशा लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में जबरदस्त मेहनत कर रहे हैं उनके साथ उनके परिवार भी पूरी तरह से चुनाव अभियान में जुटा हुआ है विदिशा में जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान ने मेहनत की है उसके बाद अब मतदान के प्रतिशत और जीत के अंतर को लेकर चर्चा चल रही है कांग्रेस के विदिशा से दो बार सांसद रहे प्रताप भानु शर्मा 1991 में भी शिवराज के खिलाफ लड़े थे और तब से कांग्रेस की जो हार हुई उसके बाद कभी जीत न सकी भाजपा की ओर से अटल बिहारी वाजपेई सुषमा स्वराज जैसे दिग्गज नेता विदिशा से सांसद रह चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली ले जाने का संदेश दिया है उसके बाद माना जा रहा है शिवराज सिंह चौहान भी अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे।

राजगढ़ लोकसभा सीट पर प्रदेश के 10 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भाजपा के दूसरी बार के सांसद रोडमल नागर को कड़ी चुनौती दे रहे हैं भाजपा शायद इसी कारण नगर की जगह मोदी मोदी के चेहरे को आगे करके चुनाव लड़ रही है यहां भाजपा के साथ-साथ संघ ने भी पूरी ताकत लगाई है।

क्योंकि दिग्विजय सिंह ने जिस तरह से आखिरी चुनाव का वास्ता देकर लोगों से वोट मांगे हैं उसके कारण यहां मुकाबला कांटे का हो गया है। गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने राजनीतिक जीवन का सबसे व्यवस्थित चुनाव लड़ा है वे परिवार सहित न केवल क्षेत्र में सक्रिय रहे वरन क्षेत्र से बाहर प्रदेश में दूसरी जगह प्रचार के लिए भी नहीं निकले शायद इसके पीछे 2019 के लोकसभा चुनाव का परिणाम है जब वे उत्तर प्रदेश में प्रचार करते रहे और गुना शिवपुरी में लोकसभा का चुनाव हार गए इस बार उन्होंने कोई रिस्क नहीं ली है केवल माताजी के स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव के चलते बीच-बीच में दिल्ली जरूर गए हैं उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी राव यादवेंद्र सिंह यादव जातीय समीकरणों की दम पर हुंकार भर रहे हैं इसके लिए भाजपा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लगभग 10 सभाएं की यही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी क्षेत्र के अशोकनगर में सभा करके सिंधिया के पक्ष में माहौल बनाया।

बुंदेलखंड का मुख्यालय माने जाने वाला सागर लोकसभा क्षेत्र भी इस बार सुर्खियों में रहा क्योंकि भाजपा ने जहां महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ लता वानखेड़े को मैदान में उतार कर प्रदेश में आधी आबादी को साधने का प्रयास किया वही लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत पहले से ही भाजपा के सात विधायक थे मतदान के 48 घंटे पहले कांग्रेस की एकमात्र बिना विधायक निर्मला सप्रे ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है और कांग्रेस प्रत्याशी गुड्डू राजा बुंदेला ने हेलीकॉप्टर से लोकसभा क्षेत्र का हवाई द्वारा करके जो हवा बनाई थी।

उसे गुब्बारे में छेद कर दिया सागर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के अधिकतम सीनियर और मजबूत विधायक अपने-अपने क्षेत्र में बढ़त दिलाने के लिए खुद के चुनाव जैसा चुनाव लड़ रहे हैं उन्हें भाजपा प्रत्याशी डॉ लता वानखेड़े की सहजता और सरलता का भी सहारा मिल रहा है यहां महंगाई और बेरोजगारी पर राम मंदिर और मोदी मैजिक भारी पड़ रहा है।

मुरैना भिंड ग्वालियर में कांग्रेस ने जातीय समीकरणों के सहारे भाजपा को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की है हालांकि भाजपा ने यहां पर व्यापक पैमाने पर दल बदल कर कर और बसपा प्रत्याशियों के एक्सीलेटर दबाकर कांग्रेस को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

मुरैना में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामनिवास रावत की पार्टी छोड़ भाजपा के दामन थामने का कितना असर हुआ यह चुनाव परिणाम ही बताएगा कोई भिंड में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया भाजपा सांसद संध्या राय को कड़ी टक्कर दे रहे हैं हालांकि भाजपा को मोदी फैक्टर का फायदा मिल रहा है और बरैया यदि सामानों की सवर्णो की नाराजगी दूर करने में सफल हो गए तो भाजपा को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है।

मुरैना लोकसभा सीट पर जाति समीकरणों का उभार बाकी मुद्दों को फीका कर रहा है भाजपा मोदी मेजर के सहारे कांग्रेस को चुनौती पेश कर रही है भाजपा प्रत्याशी शिवमंगल को नरेंद्र सिंह तोमर का करीबी माना जाता है तू कांग्रेस प्रत्याशी सत्यपाल का पूरा परिवार ही राजनीति में सक्रिय है भाई विधायक है भाभी महापौर हैं और नीटू पहले भाजपा से विधायक रह चुके इस कारण यहां भी कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है।

राजधानी भोपाल जो भाजपा का गढ़ माना जाता है कांग्रेस में इस बार नया प्रयोग करते हुए जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है इसमें कांग्रेस कितना सफल होती है यह तो चुनाव परिणाम बताया लेकिन कांग्रेस ने भाजपा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार चुनौती पेश की है महापौर आलोक शर्मा के लिए मोदी मैजिक और भाजपा संगठन के साथ-साथ मंत्री विश्वास सारंग विधायक रामेश्वर शर्मा भगवान दास सब नानी कृष्णा गौर के क्षेत्रों से निर्णायक बढत की उम्मीद है तो कांग्रेस प्रत्याशी को मध्य और उत्तर विधानसभा से बढत की उम्मीद है।

बैतूल लोकसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मोदी मैजिक के सहारे चुनावी मैदान में निश्चिंत्यता से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रामू के काम आदिवासियों के बीच कांग्रेस को वोट देने की अपील कर रहे हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में आज नौ लोकसभा क्षेत्र में मतदान हो रहा है शाम तक मतदान के प्रतिशत के बाद जीत हार के अंतर को लेकर नए सिरे से अंदाजा लगाया जाएगा लेकिन सभी की पूरी कोशिश हो कि पहले दो चरणों की बजाय इस बार मतदान का प्रतिशत बढे प्रदेश के दिग्गज नेताओं के चुनाव क्षेत्र में मतदान होने से सभी की निगाहें आज के चुनाव पर विशेष रूप से टिकी हुई है।

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