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मोदी के भाषणों से जाहिर बढ़ता मुकाबला!

इस सप्ताह दिल्ली में झूठे एलार्म से पैनिक बना तो मोदी अपने भाषणों में पाकिस्तान को ले आए। उन्होने राहुल गांधी के साथ पाकिस्तान को जोड़ दिया। मतलब महिलाओं में मंगलसूत्र छीने जाने का डर बनाते-बनाते नरेंद्र मोदी ने आंतक और पाकिस्तान का राग अपनाया है तो यह निश्चित ही गिरते ग्राफ पर पैनिक है। इसके मायने को क्या अनुमान टेबल में दर्शाए?  जरूरी नहीं है। इसलिए क्योंकि लोगों की बेरूखी भी बोलते हुए है। चुनाव आयोग के मतदान अनुमान भले बढ़े हो लेकिन 2019 जैसा मतदान फिर भी नहीं है। हर नैरेटिव फेल हो रहा है। उलटे हर दिन ऐसा कोई न कोई नया मामला आ रहा है जिसकी लोगों को खबर होते हुए है और लोगमन ही मनविचलित भी है। सो मोटा-मोटी इस सप्ताह की टेबल में लगभग पिछले सप्ताह जैसीस्थिति है।इस सप्ताह के अनुमान में एनडीए की 263 ( इसमें भाजपा की 236 व सहयोगियों की 27) सीटों का अनुमान है तो एनडीए की सभीविरोधी पार्टियों का कुल अनुमान 272 सीटों का।

By हरिशंकर व्यास

मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक और पत्रकार। नया इंडिया समाचारपत्र के संस्थापक-संपादक। सन् 1976 से लगातार सक्रिय और बहुप्रयोगी संपादक। ‘जनसत्ता’ में संपादन-लेखन के वक्त 1983 में शुरू किया राजनैतिक खुलासे का ‘गपशप’ कॉलम ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ तक का सफर करते हुए अब चालीस वर्षों से अधिक का है। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम की प्रस्तुति। सप्ताह में पांच दिन नियमित प्रसारित। प्रोग्राम कोई नौ वर्ष चला! आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों की बारीकी-बेबाकी से पडताल व विश्लेषण में वह सिद्धहस्तता जो देश की अन्य भाषाओं के पत्रकारों सुधी अंग्रेजीदा संपादकों-विचारकों में भी लोकप्रिय और पठनीय। जैसे कि लेखक-संपादक अरूण शौरी की अंग्रेजी में हरिशंकर व्यास के लेखन पर जाहिर यह भावाव्यक्ति -

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